हाफिज मोहम्मद कफील ने तिलावते कुरान-ए-पाक से की। खादिमों ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जश्न-ए-चिरागां और जुलूसे मोहम्मदी को यादगार बनाने के लिए लोगों से अपील जारी की। लोगों से गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करने, भूखों को खाना खिलाने, जरूरतमंद पड़ोसियों की सहायता करने और गरीब बस्तियों में जाकर बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण करने की भी अपील की गई।
स्टंट न करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील
जश्न-ए-चिरागां में घरों और आसपास की मस्जिदों को सजाने के साथ लोगों से मोटरसाइकिलों के काफिले बनाकर स्टंट न करने की अपील की गई। जुलूसे मोहम्मदी में अनुशासन बनाए रखते हुए एक लाइन में चलने, परचमों में लोहे की छड़ों का इस्तेमाल न करने और किसी भी तरह के आपत्तिजनक या राजनीतिक नारे से बचने को कहा गया।
शराब की दुकानें बंद कराने की मांग
खादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने बताया कि जश्न-ए-चिरागां 25 अगस्त और जुलूसे मोहम्मदी 26 अगस्त को निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि जुलूस परेड स्थित रजवी ग्राउंड से शुरू होकर नई सड़क, पेंचबाग, दादा मियां का चौराहा, तलाक महल, कंघी मोहाल, गुलाब घोसी मस्जिद, अजमेरी चौराहा, हलीम कॉलेज चौराहा, इकबाल लाइब्रेरी, बांसमंडी, कुली बाजार, मूलगंज, मेस्टन रोड, कोतवाली चौराहा, शिवाला, रामनारायण बाजार और पटकापुर होते हुए फूलबाग में समाप्त होगा।