पति मनु अभिषेक के साथ प्रतिभा
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मुकदमे में गवाही पूरी होने के बाद अंतिम बहस शुरू हो गई थी। इस बीच, तत्कालीन अपर जिला जज प्रथम विनोद कुमार सिंह ने मामले को दहेज हत्या का मानकर मनु पर हत्या के साथ दहेज हत्या व दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोप तय करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुकदमा दोबारा लंबित हो गया था।
मनु के अधिवक्ता कन्हैयालाल गुप्ता ने बताया कि दोबारा आरोप तय किए जाने के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसके आधार पर मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट में तीसरी बार जमानत याचिका दाखिल कर तर्क रखा गया कि अभियोजन मामले को लंबित कर रहा है।
प्रतिभा गौतम की फाइल फोटो
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नई धाराओं में दोबारा आरोप तय होने पर मुकदमे का फैसला आने में काफी वक्त लग सकता है। आरोपी पहले ही छह साल जेल में काट चुका है। जमानत पर छूटने के बाद आरोपी जमानत की शर्तों का पालन करेगा। कन्हैयालाल ने बताया कि हाईकोर्ट ने मनु की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। जल्द ही सेशन कोर्ट में आदेश के साथ जमानतें दाखिल की जाएंगी, जिसके बाद जेल से मनु की रिहाई हो जाएगी।
आदेश की प्रति देखकर तय करेंगे आगे की रणनीति
प्रतिभा गौतम के अधिवक्ता कमलेश पाठक ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति अभी वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुई है। हाईकोर्ट का आदेश पढ़ने के बाद ही जानकारी होगी कि किस आधार पर जमानत याचिका स्वीकार हुई है। इसके बाद ही मुकदमे में आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।