कानपुर। वर्तमान दौर में पत्रकारिता के सामने लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की बड़ी जिम्मेदारी है। पत्रकारों को समाज की आवाज बनकर सत्ता से सवाल करने चाहिए। यह बातें बुधवार को बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने खलासी लाइन स्थित शास्त्री भवन लोक सेवक मंडल में हुए व्याख्यान एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कही। आयोजन कानपुर जर्नलिस्ट एंड एक्टिविस्ट फोरम एवं तिलक फाउंडेशन की ओर से हुआ।
शुक्ला ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे पत्रकार अब होना मुश्किल है। मुख्य वक्ता प्रो. आनंद शुक्ला ने कहा कि पत्रकारिता ने देश में राष्ट्रीय चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक महेश शर्मा की ओर से संपादित गणेश शंकर विद्यार्थी पर आधारित पुस्तक स्याही से शहादत तक का विमोचन हुआ। डॉ. रमेश चिंतक ने आजादी और उसकी सरहद विषय पर विचार रखे। प्रवीण मोहता को तिलक मेमोरियल उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान दिया गया। इस दौरान सत्यप्रकाश त्रिपाठी, दीपक मालवीय, रामकिशोर वाजपेई, प्रो. खान फारूक और प्रो. शिवकुमार दीक्षित मौजूद रहे।
गठबंधन का अधिकार हाईकमान का
राजीव शुक्ला ने आगामी चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर कहा कि गठबंधन को लेकर फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। उन्होंने कहा कि बीच में कोई भी नेता या कार्यकर्ता अपनी राय रखे उससे पार्टी के निर्णय पर फर्क नहीं पड़ता। गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर पार्टी स्तर पर बातचीत होती है और अंतिम निर्णय कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।