मथुरा में दो सराफों की लूटपाट के बाद हत्या से आक्रोशित सराफा कारोबारियों ने शुक्रवार को कानपुर शहर के सभी प्रमुख सराफा बाजार बंद रखे। सबसे बड़े सराफा बाजार बिरहाना रोड, नयागंज और चौक में तनिष्क शोरूम को छोड़कर सौ फीसदी बंदी रही, जबकि गोविंदनगर, बर्रा, कल्याणपुर, लाल बंगला, सीसामऊ बाजार में मिला जुला असर रहा। सराफों के साथ स्वर्णकारों ने कामकाज ठप रखा। खास बात यह रही कि सराफों ने अपनी सुरक्षा के मसले पर एकजुटता दिखाई। सभी छोटे बड़े और विरोधी संगठन आपस में एक रहे।
उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष महेशचंद्र जैन ने 17 मई को प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि 48 घंटे में सराफों के हत्यारोपी नहीं पकड़े गए तो प्रदेशव्यापी बंदी की जाएगी। मथुरा पुलिस निर्धारित समय पर आरोपियों को पकड़ नहीं पाई। इस पर उत्तर प्रदेश सराफा कमेटी के प्रमुख पदाधिकारियों ने बिरहाना रोड पर आपात बैठक बुलाकर एक दिवसीय बंदी की घोषणा की थी। शुक्रवार को कानपुर सराफा कमेटी और कानपुर महानगर सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने घूम-घूम बंदी का असर देखा। जिन सराफों और स्वर्णकारों ने दुकानें खोल रखीं थी उन्हें एकजुटता की बात समझाकर प्रतिष्ठान बंद कराए। महामंत्री पंकज अरोड़ा ने बताया कि गोविंद नगर और बर्रा के कुछ प्रतिष्ठान खुले रहे। बाद में उन्होंने भी बंद कर दिए। कानपुर सराफा कमेटी के महामंत्री नटवर मिश्र ने सराफा कारोबारियों को प्रतिष्ठानों पर बंदी का सर्कुलर चिपकाया।
तनिष्क में चलती रही खरीदारी
उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के आह्वान पर हुई बंदी में ब्रांडेड ज्वैलरी शोरूम तनिष्क की भागीदारी नहीं रही। इसके बिरहाना रोड और पीपीएन मार्केट स्थित शोरूमों में खरीदारी होती रही। तनिष्क के सेल्स अधिकारी ने बताया कि उन्होंने कुछ ग्राहकों को टाइम दिया था इस वजह से शोरूम खोला गया।