इटावा सफारी पार्क से एक बड़ी खबर निकल कर के सामने आ रही है । इस खबर में कहा जा रहा है कि 24 जून को शेरनी जेसिका के जन्मे 4 में से एक शावक की मौत हो गई है। मौत का समय शुक्रवार दोपहर 2 बजे के आसपास बताया गया है।
शावक की इस मौत को लेकर इटावा सफारी पार्क की ओर से कोई अधिकारिक जानकारी भले ही प्रदत्त नहीं की जा रही हो लेकिन सफारी सूत्रों ने इस बात की तस्दीक की है कि शेरनी जेसिका के एक शावक की मौत हो गई है। जिसको लेकर इटावा सफारी पार्क के सभी अफसरों में हडकंप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों एक शावक की तबीयत एकाएक बिगड़ गई उसके बाद शेरनी जेसिका ने दूध पिलाना बंद कर दिया । परिणाम स्वरूप शावक की मौत हो गई।
हालांकि शावक की मौत को लेकर के इटावा सफारी पार्क के निदेशक वी.के. सिंह फिलहाल अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं वो कुछ भी बोलने के लिए फिलहाल तैयार नहीं है । उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वह इस संदर्भ में कल यानी शनिवार को कोई आधिकारिक तौर पर कोई बयान देंगे।
बताते चले कि इटावा सफारी पार्क मे जब भी किसी जानवर की मौत होती है तो उसकी जानकारी इटावा सफारी पार्क प्रशासन त्वरित ढंग से सेंट्रल जू अथॉरिटी को प्रदत्त कराता है इस मामले में सफारी प्रशासन की ओर से ऐसा नहीं किया गया है जिसको लेकर कई तरह के सवाल खडे़ हो रहे हैं।
24 जून को शेरनी जेसिका के 4 शावकों के पैदा होने से सफारी प्रशासन मे व्यापक खुशी थी क्योंकि इससे पहले इटावा सफारी पार्क मे कभी भी एक साथ 4 शावकों का जन्म नहीं हुआ। 24 जून को 4 शावकों की पैदाइश के बाद प्रशासन बहुत ही सर्तकता बरत रहा था लेकिन एकाएक आई इस खबर ने हर किसी को सन्न कर दिया है।
यह पहला मौका नहीं है जब सफारी मे किसी शावक की मौत हुई हो इससे पहले जुलाई और अगस्त 2015 में शेरनी हीर और ग्रीष्मा ने पांच शावकों को जन्म दिया था। इनमें से दो की मौत तो जन्म के साथ ही हो गई जबकि कुछ दिनों बाद शेष तीन शावको की भी मौत हो गई।
शेरनी हीर के दो शावक 18 जुलाई 2015 को पैदा हुए है जिनकी जन्म के साथ ही मौत हो गई जब कि इसी तरह से शेरनी ग्रीष्मा के पैदा हुए तीन शावको मे दो की 21 जुलाई 2015 को एक शावक की 14 अगस्त 2015 को मौत हो गई। हीर और ग्रीष्मा के शावको की मौत के बाद लाइन सफारी के ब्रीडिंग सेंटर पर सवाल उठने लगे थे लेकिन शेरनी जेसिका ने इस मिथक को तोड़ दिया ।