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सालों बाद मिले, देखते ही दिल खिले

Sat, 27 Dec 2014 03:00 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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‘अबे डॉक्टर तू भी बुड्ढा हो गया। उस समय तो कहता था कि यह जवानी हमेशा ऐसे ही रहेगी। और ये क्या तेरे बाल कहां गए। अरे वह देखे अपना चौधरी तो चल भी नहीं पा रहा है। पढ़ता था तो खूब कूदता था...’ जेम्सकॉन 2014 के दूसरे दिन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के 1964 बैच के स्टूडेंट्स कई वर्षों बाद जब मिले तो जिगरी यारों को भी पहचानने में बहुत मुश्किल हुई।
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चेहरे पर झुर्रियां, सफेद बाल, चलने-फिरने में दिक्कत लेकिन जिंदादिली ऐसी कि जब बैठ गए तो कॉलेज के जमाने का पूरा इतिहास-भूगोल सामने आ गया।

1964 यानी गोल्डेन बैच के प्रेसीडेंट डॉ. आरके लुंबा के निमंत्रण पर देश के कोने-कोने और इंग्लैंड से आए डॉक्टर्स ने पुरानी यादों को ताजा किया। कोई कॉलेज कैंपस तो कोई उस समय हेमामालिन के डांस की चर्चा में मस्त।

इंग्लैंड से आईं डॉ. नानू शर्मा ने बताया कि 1978 में कानपुर से वहां बस गई। तब के टीचर्स और स्टूडेंट्स गुरु-शिष्य के रिश्तों की मिसाल थे। हमेशा पठन-पाठन का माहौल रहता था।
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पत्नी डॉ. कमलेश अरोड़ा के साथ पहुंचे डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि अनुशासन ऐसा था कि 1965 में कॉलेज के आडटोरियम में हेमामालिन के डांस का प्रोग्राम था। पूरा डांस खत्म हो गया लेेकिन भारी भीड़ के बाद भी अव्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं दिखी।

तब के प्रॉक्टर डॉ. सीताराम कपूर जब हॉस्टल की ओर निकलते थे तो पिन ड्राप साइलेंस हो जाता था। अब वह बात नहीं रही। फाइनल ईयर की परीक्षा में गलती से एक पर्चा जेब में मिल गया। प्रिंसिपल प्रो. केएन माथुर ने पर्चा देखा तो वह परीक्षा वाले विषय का नहीं था।

उन्होंने प्यार से समझाया और कोई कार्रवाई नहीं की। डॉ. क्षमा मेहरोत्रा, डॉ. एपी वर्मा, डॉ. एबीएन सक्सेना, डॉ. एसएन श्रीवास्तव आदि ने कॉलेज के जमाने की यादें शेयर की।

डॉ. मधु लुंबा ने बताया कि गोल्डेन बैच के 80 स्टूडेंट्स आए हैं। सेक्रेटरी डॉ. शोभा रामचंद्रन, डॉ. एसके गुप्ता, डॉ. रमन, डॉ. आरके महाजन, डॉ. एसएन सिंह की आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका रही। रात में प्रदीप श्रीवास्तव की कंपनी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

उधर, 1984 बैच के मेडिकल स्टूडेंट्स जेम्सकॉन के दूसरे दिन बिठूर पिकनिक पर गए और खूब मस्ती की। शनिवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के आडिटोरियम में सीएमई और 1964 बैच के स्टूडेंट्स का सम्मान समारोह होगा।

इनका हुआ सम्मान

गोल्डेन बैच के डॉक्टर्स ने अपने टीचर डॉ. केसी सैमुअल, डॉ. केके भटनागर, डॉ. प्रतिभा रोहतगी, डॉ. एसए सिंघल, डॉ. जेएल राजदान, डॉ. शांति राजदान, डॉ. एसएन अग्रवाल को सम्मानित किया।
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