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नीलकंठ पक्षी, कछुआ, समी वृक्ष और पान का विजयदशमी पर विशेष महत्व

Tue, 11 Oct 2016 05:11 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में प्राचीन परम्मपराओं के साथ मनाया गया विजय दशमी का त्योहार - फोटो : गौरव शुक्ला
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दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी और कछुए को देखना शुभ माना जाता है। विजयदशमी एक ऐसा त्योहार है जिसमें लोग अपनी छतों, बगीचों के आसपास नीलकंठ पक्षी को निहारते हैं। जल और थल दोनों जगहों पर निवास करने वाले जीव कछुए को केवल स्पर्श करने से ही लोगों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इन मान्यताओं का निर्वहन करते हुए कानपुर में सालों से विजयदशमी का त्योहार विशेष रूप से मनाया जा रहा है। मंगलवार को बाजारों में इस त्योहार की विशेष रौनक दिखी। परेड रामलीला मैदान के पास बने समी के वृक्ष पर कलावा बांधकर लोगों ने मन्नत मांगी। इसके बाद नीलकंठ और कुछुए के दर्शन किये गए। जनश्रुति तो और भी हैं लेकिन कई स्थानों पर दोनों बातों का विशेष महत्व है।
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कानपुर में विजयदशमी के अवसर पर रावण दहन के बाद पान का बीड़ा खाने की विशेष परम्परा है। ऐसा माना जाता है दशहरे के दिन पान खाकर लोग असत्य पर हुई सत्य की जीत की खुशी को व्यक्त करते हैं और यह बीड़ा उठाते हैं कि वह हमेशा सत्य के मार्ग पर चलेंगे। इस विषय पर ज्योतिषाचार्य पंडित केके तिवारी का कहना है कि पान का पत्ता मान और सम्मान का प्रतीक है। इसलिए हर शुभ कार्य में इसका उपयोग किया जाता है।
 
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दशहरे पर हुआ विशेष शस्त्र पूजन

कानपुर में दशहरे पर हुआ शस्त्र पूजन - फोटो : राहुल शुक्ला
विजयदशमी के शुभ अवसर पर कानपुर के लोगों ने शस्त्र पूजन किया। मेस्टन रोड, गोविंद नगर, परेड, चकेरी, कल्याणपुर में शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वीर अभिमन्यु क्षत्रिय सभा के लोगों ने शिवाय पैलेस अफीमकोठी के पास एकत्र होकर शस्त्रों की पूजा की। भगवान श्रीराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दशहरे का त्योहार मनाया गया। 
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