दीवार पर लिखा सीएए विरोधी नारा
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कानपुर में जमीअत उलमा के बैनर तले आयोजित सर्व धर्म धरने में सीएए और एनआरसी का विरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सीएए के नाम पर धार्मिक बंटवारे की साजिश की जा रही है। एनआरसी से मुसलमानों से ज्यादा गरीब, दलित और आदिवासी परेशान होंगे।
उनके पास कोई अभिलेख नहीं है। इससे उनका उत्पीड़न किया जाएगा। कट्टरवादी सोच रखने वाले साजिश रच रहे हैं। यह लड़ाई तभी जीत पाएंगे जब सारे लोग मिलकर लड़ेंगे। सर्व धर्म धरने का आयोजन रजबी रोड स्थित एक हॉल में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत कारी मुजीबुल्लाह ने कुरान पाक की तिलावत, पास्टर डायमंड यूसुफ ने बाइबिल के पाठ और सरदार कमलजीत सिंह ने गुरु ग्रंथ साहब पढ़कर की। मुख्य अतिथि जमीअत उलमा के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मो. मतीनुल हक ओसामा ने कहा कि संविधान ने सभी को बराबरी का हक दिया है।
आज उसे छीनने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर सरदार मकन सिंह लाकड़ा, मौलाना नूरुद्दीन कासमी, सरदार कंवलजीत सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन क्षेत्राधिकारी को सौंपा गया।
हस्ताक्षर अभियान चलाया
सर्व धर्म धरने के दौरान मोहम्मदी यूथ ग्रुप ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया। राष्ट्रपति से सीएए को लागू न करने की मांग की। इस मौके पर इखलाक अहमद डेविड, डॉ. हलीमुल्लाह खां, जुबैर अहमद फारूकी, शारिक नवाब, हामिद अली अंसारी, हाजी मो. शफीक, शफाअत हुसैन, हाफिज मो. कफील हुसैन खां आदि रहे।