बर्रा से अपहृत छात्रा शिवानी की छत्तीसगढ़ में मौत के मामले में पुलिस के खिलाफ व्याप्त आक्रोश सुबह हाईवे पर जाम की शक्ल में फूट पड़ा। परिजनों ने न सिर्फ शिवानी के शव को बर्रा बाईपास पर रखकर दो घंटे तक जाम लगाया बल्कि बर्रा पुलिस पर महिलाओं ने चूड़ियां भी फेकीं।
एसीएम प्रथम योगेंद्र कुमार और सीओ गोविंदनगर ने लोगों को समझाना चाहा लेकिन भीड़ का कहना था कि पुलिस की लापरवाही से ही शिवानी की जान गई है, यदि पुलिस सही वक्त पर कार्रवाई शुरू कर देती तो शायद शिवानी आज जिंदा होती। परिजन छत्तीसगढ़ में हिरासत में लिए गए राजेश उर्फ राजे व उसकी पत्नी को कानपुर लाने की मांग पर अड़े हुए थे। जनता नगर चौकी इंचार्ज के निलंबन के बाद ही लोग शांत हुए।
मालूम हो कि बर्रा-6 निवासी नरेंद्र गुप्ता की 11 वीं में पढ़ने वाली बेटी शिवानी (15) 5 जुलाई को घर से सहेली के घर के लिए निकली थी और तभी से लापता थी। इसके अगले दिन बर्रा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ शिवानी के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन शिवानी की तलाश का कोई प्रयास नहीं किया।
छत्तीसगढ़ निवासी राजेश ने जब 10 जुलाई को शिवानी के वहां होने की खबर उसके घरवालों को दी तो इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 11 जुलाई को छत्तीसगढ़ से ही राजेश ने बताया कि शिवानी ने उसके घर में आग लगाकर आत्महत्या कर ली है, तब 12 जुलाई को पुलिस टीम बर्रा से रवाना हुई। सोमवार को शिवानी के परिजन उसका शव लेकर सुबह बर्रा आ गए और शव को हाईवे पर रख कर जाम लगा दिया।
सुबह तकरीबन 11 बजे लगे जाम से बर्रा बाईपास के दोनों ओर का आवागमन ठप हो गया। बर्रा पुलिस जब परिजनों को समझाने पहुंची तो महिलाओं ने पुलिस को कोसते हुए उन पर चूड़ियां भी फेंकनी शुरू कर दीं। आरोप है कि छत्तीसगढ़ निवासी राजेश ने ही शिवानी को पहले अगवा किया और फिर अपने घर ले जाकर उसे जलाकर मार डाला।
भीड़ के साथ मौजूद पार्षद मनीष शर्मा ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ मामले के जल्द से जल्द खुलासे की भी मांग की। दोबारा पोस्टमार्टम और चौकी इंचार्ज के निलंबन के बाद ही लोग माने।