जलपरी के नाम से विख्यात कानपुर की श्रद्धा शुक्ला के स्वीमिंग रिकॉर्ड के दावे का मुद्दा फिल्म निर्माता और वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी के बयान के बाद और गरमा गया है। राज्य महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद डीएम कौशल राज शर्मा ने जांच बैठा दी है। मामले की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी करेंगे। श्रद्धा और उसके पिता से पूछताछ के बाद फाइनल रिपोर्ट राज्य महिला आयोग और चाइल्ड वर्किंग कमेटी को भेजी जाएगी।
वरिष्ठ पत्रकार और फिल्म निर्माता-निर्देशक विनोद कापड़ी ने जलपरी के तैराकी रिकॉर्ड पर सवाल खड़े किए थे। प्रेसवार्ता के जरिये कापड़ी ने अपनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म के कुछ वीडियो मीडिया को दिखाकर उसके पिता ललित शुक्ला के दावों को झूठा करार दिया। कहा कि जितना दावा किया जाता है, उतना जलपरी तैरती नहीं है। ज्यादातर समय वह नाव में गुजारती है। प्रसिद्धि पाने के लिए श्रद्धा के पिता उसका बचपन छीन रहे हैं। इसका संज्ञान राज्य महिला आयोग की सदस्य नाहिदा लारी खान ने लिया। आयोग की सदस्य ने ही पूरे मामले पर जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। जिलाधिकारी ने बताया कि श्रद्धा की तैराकी, उनके दावे और बचपना छीने जाने से संबंधित आरोपों की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी करेेंगे। नोटिस देकर सबका बयान दर्ज करेेंगे। यह पता करने की कोशिश की जाएगी कि कहीं श्रद्धा से जबरन तैराकी तो नहीं कराई जा रही। अभी श्रद्धा और उनके परिजन शहर से बाहर हैं। उनके शहर आते ही जांच शुरू होगी। इस समय श्रद्धा कानपुर से वाराणसी की यात्रा गंगा के पानी में तैरते हुए कर रही है। उनका दावा है कि गंगा में तैरकर वाराणसी तक जाएंगे। इससे पहले ही विवाद खड़ा हो गया है।