तेज बहाव के बीच पार कर रहे हैं रपटा
अब नदी का जलस्तर बढ़ने से रपटा पूरी तरह पानी में डूब गया है और ऊपर से करीब एक फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के बीच बाइक सवार भी रपटा पार कर रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब पांच हजार लोगों का आवागमन होता है। भदरेखी, परा, हैदलपुर, सधारा, नसीरपुर, मुसमरिया, नूरपुर, खल्ला, खांकरी और अटरिया समेत करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीण इसी रास्ते से तहसील कालपी, आटा थाना समेत अन्य स्थानों पर जाते हैं।
नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है
रपटा बंद होने पर ग्रामीणों को करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पुलिस और अधिकारियों को भेजकर स्थिति का जायजा लेने और रपटे पर सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में समय रहते आवागमन रोककर सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो तेज बहाव में बड़ा हादसा हो सकता है।