फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सलाघाट हादसा: कोमेश के जन्मदिन व कनिष्क के पास होने की खुशी में गए थे सभी, काल के गाल में समाए पांच दोस्त

Tue, 14 May 2024 07:52 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन

सार

Jalaun News: पिकनिक मनाने सलाघाट गए पांच दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। पांच दोस्तों के शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
सलाघाट हादसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उरई में कोटरा थाना क्षेत्र के बघौरा निवासी पांच युवक सोमवार शाम को पिकनिक मनाने के लिए जागेश्वर धाम स्थित सलाघाट पहुंचे थे। यहां से निकली बेतवा नदी में सभी लोग नहाने लगे। इसी दौरान नहाते समय एक दोस्त का पैर पत्थर से फिसल गया, जिससे वह नदी में गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में उसके चार दोस्त पहुंचे। पांचों की डूबने से मौत हो गई। 

विज्ञापन


पांचों मृतक आपस में बहुत अच्छे दोस्त थे। रविवार को महेंद्र प्रताप उर्फ कोमेश का जन्मदिन था। जिस पर पार्टी देने की बात हुई। इसके अलावा कनिष्क का सोमवार को हाईस्कूल का रिजल्ट आया, जिसमें वह अच्छे नंबरों से पास हो गया। इसी को लेकर सभी में पार्टी देने की बात हुई। आपस में विचार करने के बाद सलाघाट जाने को तैयार हुए। सलाघाट जाने से पहले सभी अपने दोस्त हेमंत को लेने के लिए बोहदपुरा गांव पहुंचे और वहां से सलाघाट पहुंच गए।

जहां नहाते समय एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में सभी की बेतवा नदी में डूबने से मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि वह कहां जा रहे हैं, उन्होंने इस बारे में कुछ बताया नहीं था। इससे सोचा कि वह बाजार में कहीं घूमने या मोहल्ले में होंगे। शाम को जब पुलिस से उनके लापता होने की जानकारी मिली तो सन्न रह गए। परिजन पूरी रात नदी के किनारे बैठकर अपनों के मिलने के इंतजार में टकटकी लगाए रहे। जैसे ही उनके शव नदी से निकले परिजनों के आंखों से आंसू निकल पड़े। एक साथ पांच मौतों से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन


हृदय विदारक घटना: पिकनिक मनाने आए पांच दोस्तों के शव नदी से बरामद, मंजर देखकर सिहर उठे लोग

कार पंचर होने के बाद मौत ने बुला लिया सलाघाट
पांचों के जाने की बात हुई तो सभी ने बाइकों से न चलने की बात कही। जिस पर सभी ने मिलकर रुपये एकत्रित कर कार से चलने का फैसला किया। लेकिन कार जैसे ही उरई से निकली तो पंचर हो गई। इसके बाद वह सभी बाइकों के सहारे ही सलाघाट पहुंच गए। लोगों का कहना है कि उन्हें मौत अपनी ओर खींच रही थी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह जहां जा रहे हैं वहां से अब वह कभी वापस नहीं आ पाएंगे।

कोचिंग से हुई थी दोस्ती, भाई की तरह रहते थे सभी
सभी अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे, लेकिन कोचिंग एक साथ पढ़ते थे, जिससे उनकी दोस्ती हो गई। यह दोस्ती भाईचारे में बदल गई। जिससे वह एक दूसरे के बिना नहीं रहते थे। परिजनों ने बताया कि एक का भी फोन आने पर सभी इकट्ठा हो जाते थे। सभी दोस्तों में काफी प्रेम था, कोई एक दूसरे की बात नहीं काटते थे। जिस वजह से परिजन भी सभी को अपने बेटों की तरह मानते थे।

बीस घंटे में निकल सके सभी शव, घाट पर मची रही चीख पुकार
पांचों दोस्तों के एक के बाद एक का शव मिलने से घाट पर बीस घंटे तक चीख पुकार मची रही। शव मिलते ही परिजन उससे लिपट जाते और दूसरे की उम्मीद कर फिर नदी की ओर देखने लगते। फिर एक शव मिल जाता। शाम से शुरू हुआ यह सिलसिला दोपहर 12 बजे तक चलता रहा। सभी शव मिलने के बाद लोग उरई लौट आए। मंगलवार को सलाघाट पर सैकड़ों की संख्या में लोग अपनों की मिलने की चाह में खड़े रहे।
विज्ञापन

परिजनों ने नहीं खाया खाना, पसरा रहा सन्नाटा
एक ही मोहल्ले के चार दोस्तों के शव जैसे ही घर पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन उनके शवों को देखकर खून के आंसू रो रहे थे। उनकी मां बिलख बिलखकर बच्चों को निहारे जा रही थी। वह कभी उनके शव को सीने से लगा रही थी, तो कभी उठो लाल और एक बार मम्मी कह दो कहकर रो रही थी। उनकी करुण पुकार सुनकर आसपास के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। एक ही मोहल्ले में एक साथ चार मौतों से परिजनों में कोहराम है। शाम को ही उनके लापता हो जाने की जानकारी पर परिजनों ने खाना पीना छोड़ दिया था। शव आने के बाद उनका पूरा दिन रोते रोते निकल गया। लोगों ने परिजनों को खूब समझाया, लेकिन वह सिर्फ अपनों को सोच बस रोते जा रहे थे।

मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा
नदी में डूबे पांच दोस्तों की जानकारी मिलते ही कोंच एसडीएम सुशील कुमार मौके पर पहुंचे और बताया कि सभी मृतकों के शव को निकाल लिया गया है। सभी को शासन की तरफ से चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें