कार पंचर होने के बाद मौत ने बुला लिया सलाघाट
पांचों के जाने की बात हुई तो सभी ने बाइकों से न चलने की बात कही। जिस पर सभी ने मिलकर रुपये एकत्रित कर कार से चलने का फैसला किया। लेकिन कार जैसे ही उरई से निकली तो पंचर हो गई। इसके बाद वह सभी बाइकों के सहारे ही सलाघाट पहुंच गए। लोगों का कहना है कि उन्हें मौत अपनी ओर खींच रही थी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह जहां जा रहे हैं वहां से अब वह कभी वापस नहीं आ पाएंगे।
कोचिंग से हुई थी दोस्ती, भाई की तरह रहते थे सभी
सभी अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे, लेकिन कोचिंग एक साथ पढ़ते थे, जिससे उनकी दोस्ती हो गई। यह दोस्ती भाईचारे में बदल गई। जिससे वह एक दूसरे के बिना नहीं रहते थे। परिजनों ने बताया कि एक का भी फोन आने पर सभी इकट्ठा हो जाते थे। सभी दोस्तों में काफी प्रेम था, कोई एक दूसरे की बात नहीं काटते थे। जिस वजह से परिजन भी सभी को अपने बेटों की तरह मानते थे।