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जालौन: तीन साल पूरे होने से दो दिन पहले डीएम का तबादला, बहराइच के डीएम बनाए गए

Thu, 10 Sep 2026 11:12 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
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डीएम राजेश कुमार पांडेय - फोटो : अमर उजाला
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जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय का शासन ने तबादला कर दिया है। उन्हें बहराइच का जिलाधिकारी बनाया गया है। उनके स्थान पर शासन ने विशेष सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश शासन तथा प्रबंध निदेशक यूपी डेस्को रहे समीर को जालौन का नया जिलाधिकारी बनाया है। शासनादेश जारी होने के बाद उनके स्थानांतरण को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई।
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राजेश कुमार पांडेय ने 12 सितंबर 2023 को जालौन डीएम का कार्यभार संभाला था। 12 सितंबर 2026 को उनकी तैनाती के तीन साल पूरे होने थे, लेकिन इससे ठीक दो दिन पहले 10 सितंबर को उनका तबादला कर दिया गया। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 81 किलोमीटर लंबी सूख चुकी नून नदी का पुनर्जीवन रहा। ड्रोन से सर्वे के बाद नदी की सफाई, चौड़ीकरण और जल संरक्षण का काम जनभागीदारी से कराया गया। हजारों लोगों ने श्रमदान किया। इससे 47 गांवों के 17,706 किसानों को लाभ मिला और सिंचाई क्षमता बढ़ी।

जल संरक्षण के इन प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। नवंबर 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में राजेश कुमार पांडेय को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया। जल संरक्षण कार्यों के लिए जिले को दो करोड़ रुपये मिलने की भी जानकारी सामने आई थी। मेंथा की खेती से भूजल दोहन कम करने के लिए किसानों को कम पानी वाली फसलों, खासकर मूंग, की ओर प्रोत्साहित किया गया। रिपोर्टों में इसके बाद विभिन्न ब्लॉकों में भूजल स्तर में सुधार का उल्लेख किया गया।
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लापरवाही पर कार्रवाई, गोशालाओं की निगरानी
विकास योजनाओं और सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में लापरवाही पर अधिकारियों के वेतन रोकने और स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई हुई। अगस्त 2026 में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर 24 अधिकारियों का वेतन रोका गया और चार एसडीएम से जवाब मांगा गया। फैमिली आईडी का लक्ष्य पूरा न होने पर भी आधा दर्जन अधिकारियों के वेतन रोके गए।

गोशालाओं की निगरानी के लिए सीसीटीवी व्यवस्था विकसित की गई और जिला नियंत्रण कक्ष से निगरानी की पहल हुई। करीब 240 हेक्टेयर चरागाह एवं ग्राम समाज भूमि पर हरे चारे की पैदावार का काम कराया गया। बाढ़ के दौरान भी राहत-बचाव और तैयारियों की लगातार समीक्षा की गई।
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