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दोस्ती-दगाबाजी की कहानी है जय गंगाजल

Fri, 05 Feb 2016 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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प्रकाश झा की नई फिल्म ‘जय गंगाजल’ दोस्ती और दगाबाजी की कहानी है। फिल्म में आईपीएस अधिकारी बनीं प्रियंका चोपड़ा (आभा माथुर) की दमदार भूमिका है। वह पद की जिम्मेदारी संवेदनशीलता से निभाती हैं।
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वह जनता और नेता को खुश रखती हैं। अचानक नेता हावी होते हैं, फिर प्रियंका का मजबूत किरदार सामने आता है। फिल्म का डायलॉग ‘समाज में उसकी इज्जत होती है जो कानून तोड़ता है लेकिन मैं उसकी इज्जत करती हूं जो कानून तोड़ने वाले को तोड़ता है’ सबको सबक सिखाता है।

इस फिल्म में प्रकाश झा ने भी अभिनय किया है। वह डिप्टी एसपी भोलानाथ सिंह का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म 4 मार्च को रिलीज होगी।

प्रकाश बोले, थैंक्स ‘अमर उजाला’
कानपुर आए फिल्म निर्माता एवं निर्देशक प्रकाश झा ने ‘अमर उजाला’ की तारीफ की। प्रकाश ने कहा कि अमर उजाला निष्पक्ष खबरों के लिए जाना जाता है। न्यूज और उसका कंटेंट अच्छा रहता है।
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समाज के हर वर्ग को ध्यान रखकर खबर परोसता है। कानपुर का जबरदस्त प्रोग्राम अखबार की निष्पक्षता, श्रेष्ठता का उदाहरण है। इसीलिए दूसरे पब्लिकेशन को छोड़कर अमर उजाला से जुड़ा भी। थैंक्स अमर उजाला।

प्रियंका के साथ नर्वस था- मानव
जय गंगाजल में विधायक का रोल अदा करने वाले मानव कौल का कहना है कि प्रियंका चोपड़ा के साथ काम करना चुनौतीपूर्ण था। वह बड़ी अभिनेत्री हैं। बॉलीवुड, हॉलीवुड में छाई हैं लेकिन थियेटर का अनुभव काम आया।

एक बार धड़क खुली, फिर डायलॉग बोलता चला गया। प्रियंका का सपोर्ट भी मिला। मानव की यह चौथी फिल्म है। मानव ने कानपुर वासियों के प्यार को हाथोंहाथ लिया और कहा कि फिल्म हिट होगी।

खास बातचीत : प्रकाश झा
फिल्म की कहानी क्या संदेश देगी?
एक महिला आईपीएस की बांकेपुर में पहली बार तैनाती होती है। पहले विधायक बबलू पांडेय (मानव कौल) से दोस्ती होती है। जनता का दिल भी जीता लेकिन बाद में आईपीएस को सख्त होना पड़ा।

क्या सोचकर यह फिल्म बनाई?
2003 में पुलिस, जनता और नेता के बीच का रिश्ता परदे पर आया था। अब 13 साल बाद का चेहरा सामने आएगा, जिसमें काफी कुछ बदला दिखेगा। यह फिल्म गंगाजल का सीक्वल नहीं है। कहानी और किरदार दोनों नए हैं। फिल्म जनता को काफी पसंद आएगी।

डायरेक्शन के साथ अभिनय का ख्याल कैसे आया?
अमिताभ बच्चन, अजय देवगन सहित तमाम बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया। किसी फिल्म को बनाने से तीन महीने पहले काम शुरू करता हूं। इस बार अपने टाइप का कोई किरदार मिला। इसके लिए चार डिप्टी एसपी से मिलकर जानकारी ली, फिर अभिनय किया। उम्मीद है जनता का प्यार मिलेगा। सबको अभिनय पसंद आएगा।

आपका रोल कैसा है?
पहले पुलिस अधिकारी का निगेटिव, फिर पॉजिटिव रोल अदा किया है। इसी वजह से विधायक से पिटा भी, हालांकि बाद में विधायक की भी पिटाई हुई है।

प्रियंका के साथ कैसे मैनेज किया ?
प्रियंका आईपीएस अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं। इसलिए डिप्टी एसपी भोलानाथ यानी मैं जूनियर हुआ। फिल्म के दौरान प्रियंका ने इसका कई बार एहसास भी कराया। कहा प्रकाश भाई भले ही निर्माता, निर्देशक हैं लेकिन आप जूनियर रोल निभा रहे हैं। इस पर खूब ठहाका लगा।

प्रियंका ने मिस किया कानपुर
मुख्य अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने रिकार्डेड वीडियो से संदेश दिया। कहा कि मैं यूपी से हूं। कानपुर मेरे घर जैसा है। शहरवासियोें से हमेशा प्यार मिला है। इसलिए न आ पाने का मलाल है। प्रियंका ने कानपुर की सोशल पुलिसिंग और जनता-पुलिस के सोशल मीडिया फ्रेंडली कार्यक्रमों की तारीफ की। साथ ही कहा कि आने वाली फिल्म जय गंगाजल जरूर देखें।

‘जैसा समाज, वैसी पुलिस’
कानपुर। फिल्म निर्देशक प्रकाश झा ने गुरुवार को होटल विजयविला में पुलिस की कार्यशाला को संबोधित किया। पुलिसकर्मियों के सवालों के जवाब दिए, उनके दर्द और अनुभव को साझा किया।

कहा कि समाज जैसा होता है, वैसी ही पुलिस उसे मिलती है। समाज पढ़ा-लिखा और सभ्य होगा तो पुलिस भी उसके साथ अच्छा बर्ताव करेगी। नेताओं के ट्रांसफर और पोस्टिंग के दबाव में पुलिस भी भ्रष्टाचार के तंत्र में शामिल होने को मजबूर होती है। हालांकि सत्य का रास्ता पकड़ने वाले इसकी परवाह नहीं करते।

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि कांस्टेबिल के ड्यूटी से निकलने का टाइम तय होता है लेकिन लौटने का नहीं। कई पुलिस वाले ऐसे हैं, जो अपने बच्चों को सुबह और रात को बेड पर सोते हुए ही देख पाते हैं। पुलिस के पास संसाधनों की बेहद कमी है। थानों में महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग शौचालय तक नहीं हैं।

भारत सरकार और पुलिस की इज्जत कैसे हो, इसके लिए स्कूली पाठ्यक्रम में इस विषय को शामिल कराने के लिए वह अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बात का विरोध करने का मतलब अवार्ड वापसी नहीं है। करन जौहर के लोकतंत्र को मजाक बताने वाले बयान पर वह सहमत नहीं हैं। कहा पड़ोसी मुल्कों से ज्यादा भारत में लोकतंत्र मजबूत है।

फिल्म के एक्टर मानव कौल ने कहा कि वह पहले पुलिस से डरते थे, इस फिल्म के बाद उनकी सोच बदली है। इस मौके पर डीआईजी पीएसी यशस्वी यादव, संजय कपूर व करीब दो सौ पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

सेंसर बोर्ड पर साधा निशाना
निर्माता प्रकाश झा ने सेंसर बोर्ड पर भी निशाना साधा। कहा कि फिल्म जय गंगाजल में एक जगह साला शब्द का इस्तेमाल किया गया है। इस पर सेंसर बोर्ड के पहलाज निहलानी ने आपत्ति की और कैंची चलाने की बात कही।

इस मामले को लेकर ट्रिब्यूनल गए, जहां से राहत मिली। जिस जगह इस शब्द का इस्तेमाल किया गया, उसकी ट्रिब्यूनल ने सराहना भी की। प्रकाश झा ने कहा कि देश में असहिष्णुता का माहौल नहीं है। सबको बोलने की आजादी है, इसीलिए सहिष्णुता या फिर असहिष्णुता पर बहस होती रहती है।
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