पद्मविभूषण तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य कोेरोना संक्रमित हो गए हैं। चित्रकूट में शुक्रवार की रात तबीयत बिगड़ने पर उनको लखनऊ ले जाकर पीजीआई में भर्ती कराया गया। शनिवार को कोविड-19 की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पूरे प्रमोदवन व कांच मंदिर एरिया को हॉटस्पॉट बना दिया गया है।
जगद्गुरु के आवास कांच मंदिर क्षेत्र में रहने वाले 50 से अधिक लोगों के सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज कराया है। पांच अगस्त को अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद चित्रकूट लौटे जगद्गुरु रामभद्राचार्य प्रमोदवन स्थित अपने तुलसीपीठ कांच मंदिर में प्रवास कर रहे थे।
जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्रदास ने बताया कि रात को जगद्गुरु को पेट व सिरदर्द की शिकायत पर जानकीकुंड अस्पताल लाया गया। आंशिक सुधार होने पर डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। रात में ही जिला एंबुलेंस प्रभारी अश्वनी प्रजापति एलएस एंबुलेंस लेकर प्रमोवन पहुंचे और जगद्गुरु को रातोरात लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया।
शनिवार दोपहर बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी होते ही पूरे चित्रकूट क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रमोदवन कांच मंदिर व दिव्यांग विवि परिसर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। सतना मप्र के मझगवंा एसडीएम हेमकर धुर्वे ने बताया कि कांच मंदिर को पूरी तरह सील कर दिया गया है। विवि के कुलपति प्रो.योगेश चंद्र दुबे ने बताया कि विवि में मौजूद शिक्षक व अन्य स्टाफ का भी सैंपल लिया जा रहा है।