कानपुर देहात। अकबरपुर के बनारअलीपुर स्थित आयुष अस्पताल में इन दिनों चर्म रोगियों की संख्या बढ़ गई है। होम्योपैथ की ओपीडी में रोज 15 मरीज सिर्फ चर्म रोग के पहुंच रहे हैं। मरीजों ने बताया कि सर्दी में स्नान नहीं करते थे। स्नान न करने से उन्हें चर्म रोग हो गया। सोमवार को ओपीडी में 90 मरीजों का उपचार किया गया।
सोमवार को आयुष अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, होम्योपैथ और आयुर्वेद की ओपीडी चल रही थी। इसमें यूनानी के डॉ. जकारिया फारुखी नहीं थे। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि वह छुट्टी पर हैं। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुश सिंह ने बताया कि दवा लेने के लिए सबसे ज्यादा चर्म रोगी आ रहे हैं। मरीजों की काउंसलिंग की तो पता चला कि सर्दी ज्यादा पड़ने की वजह से एक ही कपड़े कई दिन तक इस्तेमाल करने और न नहाने से चर्म रोग हो जाता है। चर्म रोग एक बार परिवार के किसी सदस्य को हुआ तो गंदगी की वजह से वह दूसरों में भी फैल जाता है। रोगी बिना चिकित्सक की सलाह के मेडिकल स्टोर से ट्यूब लाकर लगा ले रहे हैं। इस वजह से स्किन तक जल जाती है।
डॉ. कुश ने बताया कि जोड़ों के दर्द, कमर दर्द सहित अन्य रोगी दवा लेने आते हैं। उन्होंने बताया कि होम्योपैथ की दवा के लिए 25 रोगी आ रहे हैं। इसमें 15 मरीज सिर्फ चर्म रोग के हैं। वहीं, सोमवार को 50 मरीजों ने पर्चे बनवाए हैं। शहजादपुर के शफीक, नितिन सिंह, नाज, राशिद ने बताया कि होम्योपैथ दवा लेने से कुछ आराम मिला है। पहले से खुजली भी कम हुई है।
पंचकर्म के लिए शिफ्ट होने लगा सामान
सोमवार को वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. सुशील कुमार की निगरानी में पंचकर्म करने के लिए उसके उपकरण को अलग-अलग शिफ्ट करने का काम शुरू हो गया है। डॉ. सुशील ने बताया कि सप्ताह भर में पंचकर्म भी शुरू हो जाएगा।