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IT raid on Ghanaram Group: सीए का इलेक्ट्रानिक लॉकर खुला, 12 लाख की नकदी सीज, जांच में कई और खुलासे

Fri, 02 Sep 2022 11:46 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

घनाराम ग्रुप और अन्य बिल्डरों के सीए दिनेश सेठी के प्रतिष्ठान पर लॉकर मिला था। ग्रुप द्वारा सर्किल रेट से कम पर जमीन खरीदी और बेची गई। यही नहीं, आयकर की जांच में कई और खुलासे हुए हैं।
 
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चार्टर्ड अकाउंटेंट दिनेश सेठी का घर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में घनाराम ग्रुप और अन्य बिल्डरों से जुड़े सीए दिनेश सेठी का इलेक्ट्रानिक लॉकर आयकर विभाग के अफसरों ने खोल लिया। इसमें 12 लाख 14 हजार की नकदी मिली है, जो सीज कर दी गई। वहीं आयकर की जांच में कई और खुलासे हुए हैं। पता चला है कि सर्किल रेट से कम कीमत पर जमीनों, फ्लैटों की खरीद-बिक्री की गई। बिल्डर आय भी छिपाते रहे।

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तीन अगस्त को आयकर विभाग ने रियल इस्टेट कंपनी घनाराम के लखनऊ, दिल्ली, झांसी और कानपुर के एक ठिकाने पर छापेमारी की थी। मुख्य कार्रवाई झांसी के प्रतिष्ठानों पर हुई थी। इसके साथ ही झांसी के कई बिल्डरों के यहां भी छापा मारा गया था। कार्रवाई में दो सौ करोड़ के कैशलेन-देन के सुबूत मिले थे। इसके अलावा 10 करोड़ की नकदी और सोने के गहने मिले थे।

स्काई टॉवर में 96 फ्लैट, 40 फीसदी हो चुकी है बुकिंग
सीए दिनेश सेठी के यहां इलेक्ट्रानिक लॉकर मिला था। छापे के दौरान उसे खोला नहीं जा सका था। अब इसे खोला गया है। सूत्रों के अनुसार घनाराम ग्रुप के स्काई टॉवर में 96 फ्लैट हैं। इसमें से 40 फीसदी की बुकिंग हो चुकी है या बिक चुके हैं। जांच में पता चला है कि जो टोकन मनी ली जा रही थी। उसे आयकर के रूप में नहीं दिखाया गया था। जबकि आयकर नियमों के मुताबिक बिल्डरों या रियल इस्टेट कारोबारियों को आय दिखाना जरूरी है।
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बिक्री को नहीं दिखाया आय, बड़े स्तर की चोरी का खुलासा
इसी तरह ओम शांति बिल्डर ने रसबहार टॉवर बनाया है। इसमें 132 फ्लैट हैं। इनके यहां पर भी बिक्री को आय के रूप में नहीं दिखाया गया। इसके अलावा शिवांता होम्स ड्यूप्लेक्स फ्लैट बना रही है। इनके एक फ्लैट की कीमत 56 लाख है। 92 फ्लैट हैं। इसमें से 65 फीसदी फ्लैट बिक चुके हैं या बुकिंग हो चुकी है। इनके यहां भी बिक्री को आय के तौर पर नहीं दिखाया गया। बड़े स्तर पर कर चोरी जांच में मिली है।
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