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Kanpur News: ईद से पहले सदका-ए-फितर अदा करना जरूरी

Thu, 19 Mar 2026 02:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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राजपुर (कानपुर देहात)। मुकद्दस रमजान के 28 रोजे मुकम्मल होने पर ईद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। साथ ही आखिरी पहर में इबादत का सिलसिला तेज हो गया है। ईद से पहले सदका-ए-फितर का अदा करना जरूरी है। इसके बिना रमजान के रोजों के सवाब से मोमिन महरूम रह जाते हैं। इसकी रकम गरीबों और जरूरतमंदों में बांटनी चाहिए।
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जामा मस्जिद के मौलाना अनीसुर्रहमान ने बताया कि रमजान के महीने में सदका-ए-फितर हर मुसलमान पर वाजिब है। यह परिवार के सभी सदस्यों की तरफ से दिया जाता है। इसके परिवार के एक सदस्य पर एक किलो 633 ग्राम गेहूं वाजिब है। इसके अलावा मोमिन की हैसियत के हिसाब से जौ, खजूर, किशमिश की मात्रा 3.266 किलोग्राम है।
इसके बदले इसकी कीमत भी अदा की जा सकती है। सदका-ए-फितर की रकम पहले अपने रिश्तेदार में आस-पड़ोस, गरीब, विधवाओं, यतीम जरूरतमंद और मदरसा में दी जा सकती हैं। ईद की नमाज से पहले अदा करना जरूरी होता है। ताकि हर मोमिन ईद की खुशी में शामिल हो। उन्होंने कहा कि जकात और फितरा अदा करने से न सिर्फ जरूरतमंदों की मदद होती है बल्कि देने वाले के माल में भी बरकत आती है और समाज में मोहब्बत व इंसानियत का पैगाम फैलता है। इधर सोमवार को सिकंदरा की जामा मस्जिद में कुरान-ए-पाक मुकम्मल हो गई। इस मौके पर जश्न-कुरान की महफिल सजाई गई। इस दौरान हाफिज मुवश्शिर का लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। महफिल में रमजान और कुरान की बरकत, तरावीह व रोजे में अल्लाह व उसके रसूल के हुक्म का बयान किया गया। मौलाना जाहिदुर्रहमान ने कहा कि रमजान अल्लाह का मोमिनों के लिए तोहफा है।
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यहां हाफिज मुजीब रजा, हाफिज नवाजिश अंसारी, हाफिज सोहिल, मौलाना जाहिद, मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अजीम खान समेत बड़ी तादाद में नमाजी मौजूद रहे। इधर राजपुर की नूरी जामा मस्जिद, नई जामा मस्जिद में सोमवार रात तरावीह मुकम्मल होने पर लोगों ने हाफिज आसिफ इदरीशी, हाफिज मोहम्मद आजाद को नजराने पेश किए गए। इस दौरान उलेमाओं ने रमजान की फजीलत बयां की। उसके बाद मुल्क में खुशहाली और सलामती की दुआएं की गई।
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