कानपुर। कंपनियों में नियुक्त होने वाले पहले ऑडिटर की नियुक्ति पर अब ऑडिटर फार्म (एडीटी 1) अनिवार्य रूप से भरना होगा। फॉर्म में ऑडिटर या फर्म के कंपनी या उसके समूह संस्थाओं के साथ पिछले ऑडिट संबंधों का विवरण भी देना होगा। पूर्व में फार्म भरना अनिवार्य नहीं था। केवल बोर्ड की बैठक का प्रस्ताव ही पर्याप्त होता था।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) वीथ्री पोर्टल को शुरू कर चुका है। एडीटी 1 कंपनी की ओर से दाखिल किया जाएगा। इसके अलावा वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में ऑडिटर्स की नियुक्ति या पुनर्नियुक्ति के लिए, किसी आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए ऑडिटर की नियुक्ति के लिए भी इसे भरना होगा। कानपुर जीएसटी सीए एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सीए शैलेश शर्मा ने बताया कि ऑडिटर नियुक्ति की समय में भी बदलाव हुआ है। बोर्ड बैठक की तिथि से 15 दिनों के भीतर जिसमें ऑडिटर की नियुक्ति की गई थी (यह आदर्श रूप से कंपनी के निगमन के 30 दिनों के भीतर होना चाहिए)। आम सभा की से 15 दिनों के भीतर, जिसमें ऑडिटर की नियुक्ति या पुनर्नियुक्ति की गई थी। आकस्मिक रिक्ति के लिए नियुक्ति की तारीख से 15 दिनों के भीतर इसे कंपनी की ओर से भरना होगा। ब्यूरो