कानपुर। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल, तकनीकी नवाचार और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देना जरूरी है। साथ ही संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग कर सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा। डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन (डॉ. एआईटीडी) में आयोजित छह दिवसीय अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) में विशेषज्ञों ने यह बात कही।
एक सतत भविष्य का निर्माण : ऊर्जा प्रणालियां एवं जलवायु परिवर्तन के समाधान विषय पर आयोजित कार्यक्रम में आईआईटी कानपुर के प्रो. जे. रामकुमार ने सतत विकास की जरूरत और उससे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। ट्रिपलआईटी, प्रयागराज के डॉ. विनीत तिवारी ने सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और नेट-जीरो उत्सर्जन पर विचार रखे। निदेशक प्रो. रचना अस्थाना, समन्वयक डॉ. अनुज श्रीवास्तव, सह-समन्वयक डॉ. अजय कुमार मौर्य, डॉ. मनीष सिंह राजपूत, श्री नाथ द्विवेदी, डॉ. ओमहरी और डॉ. सोनिया अग्रवाल मौजूद रहे।