पिछले करीब छह महीने से बंद चल रही कानपुर के जाजमऊ की टेनरियों पर भी सरकार की टेढ़ी नजर बनी हुई है। इससे साफ है कि टेनरियों की तालाबंदी अभी खुलने की संभावना कम है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई टीम अब बंद चल रही 260 से अधिक टेनरियों के अंदर जाकर उनके संसाधनों की गिनती कर रही है।
देखा जा रहा है कि जिन टेनरियों को बोर्ड की तरफ से जो भी निर्धारित मानक दिए गए हैं, वे उसे पूरा कर रही है या नहीं। यदि बंदी के दौरान भी टेनरियों में मानक के विपरीत कोई चीज नजर आती है तो टेनरियों के खुलने की संभावना खत्म हो सकती है। सोमवार को सुबह से ही बोर्ड और जिला प्रशासन की टीम जाजमऊ में पहुंच गई थी।
जो टेनरियां बंद हैं, उनको खुलवाकर उनकी जांच पड़ताल की गई। देखा गया किवहां पानी के ड्रमों की संख्या कितनी है, उनका साइज कितना है, बिजली की खपत कितनी हो रही है, वहां काम करने वालों की संख्या कितनी है, रोजाना इन टेनरियों में क्या-क्या कार्य चल रहा है, इसका पूरा ब्योरा लिया जा रहा है।
पिछले तीन दिनों से बंद टेनरियों की जांच का काम शुरू हुआ है। अभी तक 40 बंद टेनरियों की जांच हो चुकी है। सोमवार को भी जांच में 15 टेनरियों की जांच हुई।
जांच की जानकारी सीधे यूपीपीसीबी को भेजी जा रही है। यह नोटिस के रूप में अलग-अलग टेनरियों के पास पहुंचेगा। यदि किसी में कमी मिलेगी तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन की टीम रोजाना क्या-क्या कर रही है, इसकी मानीटरिंग भी जिलाधिकारी के माध्यम से की जा रही है। कहा जा रहा है कि जल्द ही शासन की तरफ से टेनरियों पर सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है।