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सीएसए के 32 शोध सहायकों का नियम विरुद्ध वेतनमान बढ़ाने में फंसे पूर्व कुलपति, वसूले जाएंगे 5 करोड़

Sun, 23 Jun 2019 10:28 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सीएसए कानपुर - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में नियमों को ताक पर रख 32 शोध सहायकों का वेतनमान सहायक प्राध्यापकों के बराबर करने के मामले में पूर्व कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह फंस गए हैं।
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उन्होंने 2016 में पांच से छह महीने के लिए कार्यवाहक कुलपति रहते हुए नियम विरुद्ध कार्रवाई कर अपनों को लाभ पहुंचाया। शासन ने सभी 32 शोध सहायकों के बढ़े हुए वेतन को रद्द करते हुए उनसे वसूली के आदेश दिए हैं।
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उनसे बढ़े हुए वेतन के रूप में करीब पांच करोड़ की वसूली की जाएगी। छह जून को शासन से मिले निर्देशों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। शनिवार को इस बाबत सीएसए के निदेशक प्रशासन प्रो. मुनीश कुमार ने पूर्व कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है और बढ़ा वेतन वसूली करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

प्रो. मुनीश ने बताया कि शासन की तरफ से अनुभाग सचिव काली प्रसाद शर्मा ने मौजूदा कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन से प्रो. राजेंद्र की नियुक्ति, उनके प्रमोशन संबंधी जानकारियां भी तलब की हैं। सीएसए प्रशासन ने 25 जून तक प्रो. राजेंद्र सिंह से जवाब मांगा है, जबकि जुलाई 2018 में रिटायर हो चुके प्रोफेसर को सत्र लाभ मिला हुआ है। 30 जून को उनका कार्यकाल पूरा हो रहा है।
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