कानपुर। ‘मंगल ग्रह मिशन–2030’ से हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के छात्र भी जुड़े हुए हैं। यहां इसरो-आइराक 2026 प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। गुरुवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की टीम ने विश्वविद्यालय और प्रोजेक्ट को देखा। छात्रों से विशेष एरीना और ड्रोन कैप्चरिंग सिस्टम पर विचार विमर्श किया।
इसरो-आइराक 2026 प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट टीम में अमन सिंह, स्पर्श गुप्ता, आकाश त्रिवेदी, आयुष मिश्रा, प्रयुल यादव शामिल हैं। इसरो के वैज्ञानिक धृतिरंजन और आशुतोष सिंह ने आरके सभागार में बनाए गए विशेष एरीना और ड्रोन कैप्चरिंग सिस्टम को ध्यान से देखा। यह सिस्टम एचबीटीयू के छात्रों ने तैयार किया है, जो पिछले कई महीनों से प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एसकेएस यादव ने बताया कि इसरो के दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रों ने कई नए तकनीकी प्रयोग किए हैं। मंगल मिशन से जुड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर की 275 टीमों ने भाग लिया था, जिनमें से केवल 35 टीमों को तीसरे चरण के लिए चुना गया। इसमें एचबीटीयू की टीम भी शामिल है। टीम लीडर अमन सिंह के नेतृत्व में छात्रों ने इसरो की टीम को अपने प्रोजेक्ट और तकनीकी कार्यों की जानकारी दी। कुलपति प्रो. समशेर ने कहा कि वह इस प्रोजेक्ट की खुद निगरानी कर रहे हैं और छात्रों द्वारा तैयार किए गए ड्रोन कैप्चरिंग सिस्टम में लगातार सुधार किया जा रहा है।