पुलिस कार्यालय में घटना का खुलासा करते पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह व एएसपी विनोद कुमार
- फोटो : अमर उजाला
कन्नौज में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर डेढ़ माह पहले पति की हत्या कर दी। हत्या को हादसा दिखाने के लिए शव पर कार का पहिया चढ़ा दिया। मृतक की मां ने थाने में हादसे की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की पड़ताल में हत्या का मामला प्रकाश में आने पर जब हत्यारोपी पत्नी से पूछताछ की गई तो सच्चाई कबूल कर ली।
पुलिस ने हत्या में शामिल चार आरोपियों को पकड़ा है। एसपी ने तिर्वा पुलिस की टीम की प्रशंसा की। रविवार को पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने सभागार में ईश्वरदयाल की हत्या का खुलासा किया। बताया थाना तिर्वा के महिलापुर राधा देवी पत्नी ईश्वरदयाल के घर गांव के छोटेलाल का आना-जाना था।
इससे राधा व छोटेलाल में प्रेम हो गया। जानकारी होने पर ईश्वरदयाल ने विरोध किया तो राधा देवी ने प्रेेमी छोटेलाल के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। छोटेलाल ने मैनपुरी थाना किशनी हाल पता छिबरामऊ के निवासी सुघर सिंह व तिर्वा के भुलभुलियापुर निवासी गिरजाशंकर के साथ मिलकर ईश्वर दयाल को बहाने से बुलाकर उसकी हत्या कर दी।
शव को कलुआपुर माध्यमिक विद्यालय के सामने रोड पर फेंक दिया। हत्या को हादसा दिखाने के लिए कार का पहिया चढ़ा दिया। पुलिस ने 13 जनवरी को उसका शव बरामद किया। इधर मृतक की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तिर्वा कोतवाली पुलिस को पूछताछ में अन्य तथ्य पता चले तो उन्होंने जांच प्रक्रिया दूसरी तरफ मोड़ी। पुलिस ने मृतक ईश्वरदयाल की पत्नी राधा देवी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई कबूल दी।
बताया वह पति से छुटकारा पाकर प्रेमी छोटेलाल के साथ रहना चाहती थी। इसका ईश्वरदयाल विरोध कर रहा था। इसके चलते उसे रास्ते से हटा दिया। पुलिस ने हत्या में प्रयोग की ओमनी कार व एक मोबाइल हत्यारोपियों के पास से बरामद किया।
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने घटना का खुलासा करने वाली टीम की प्रशंसा की। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक त्रिभुवन प्रसाद वर्मा, एसआई मुनेश कुमार, उर्वेश कुमार, मनीष कुमार, नीरज कुमार, रवि सरोहा आदि लोेग मौजूद रहे।
गमछे से पुलिस को हुआ शक
तिर्वा कोतवाली पुलिस को मृतक ईश्वर दयाल के शव के पास से एक गमछा बरामद हुआ। पुलिस ने गमछे के बारे में पूछताछ की तो यह गमछा मृतक का नहीं निकला। इससे पुलिस का शक बढ़ गया। पुलिस ने सर्विलांस से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करवाई तो इस दौरान छोटेलाल का मोबाइल घटनास्थल के पास चालू पाया गया। इससे पुलिस का हादसा नहीं हत्या का शक बढ़ गया।