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इरफान सोलंकी प्रकरण: परिवार में हैं 15 शस्त्र लाइसेंस, फिर भी बरसती रही पुलिस की कृपा, एक दर्जन अफसर नपेंगे

Tue, 06 Dec 2022 08:09 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी पर पुलिस की विशेष कृपा बरसती रही है। दरअसल, उन पर आपराधिक मुकदमें दर्ज होने के बाद भी उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त नहीं किए गए हैं। इससे वह अधिकारी सवालों के घेरे में हैं, जिनके कार्यकाल में लाइसेंसों का नवीनीकरण किया गया था।
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इरफान सोलंकी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सपा विधायक इरफान सोलंकी व उनके भाई रिजवान सोलंकी पर आपराधिक केस दर्ज होते गए, लेकिन शस्त्र लाइसेंस बरकरार रहे। पुलिस की कृपा बरसती रही और शस्त्र लाइसेंसों का नवीनीकरण होता रहा।  अब अफसर सक्रिय हुए हैं। परिवार के सभी सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस का ब्योरा जुटाया है। जिनका-जिनका आपराधिक इतिहास होगा, उनके लाइसेंस निरस्त होंगे।

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इरफान सोलंकी ने 2003 में रिवाल्वर, 2004 में राइफल व 2005 में डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस लिया था। रिजवान ने 2005 में रिवाल्वर व 2006 में राइफल के लाइसेंस लिए। जिनका नवीनीकरण 2020 तक होता रहा है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक विधायक पर कुल 11 व रिजवान पर चार केस दर्ज हैं।
इरफान पर पहला केस 2010 में ग्वालटोली थाने में दर्ज किया गया था जबकि रिजवान पर पहला केस 2008 में उन्नाव के अचलगंज थाने में हत्या के प्रयास, बलवा, घर में घुसकर मारपीट का दर्ज हुआ था। नियमानुसार केस दर्ज होने के बाद शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाने चाहिए थे लेकिन लाइसेंसों का नवीनीकरण होता रहा।

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पूरे परिवार में हैं 15 शस्त्र लाइसेंस
विधायक व उनके परिवार के पास कुल 15 शस्त्र लाइसेंस हैं। इसमें विधायक के पास तीन और रिजवान के पास दो, लाइसेंस हैं। विधायक की पत्नी, मां, भाई इमरान व फरहान के पास एक-एक रिवाल्वर और भाई फैजान व अरशद के पास एक-एक पिस्टल का लाइसेंस है। इसके अलावा इरफान के चाचा इस्लाम के पास एक रिवाल्वर-एक डबल बैरल व चचेरे भाई रेहान के पास राइफल-डबल बैरल का लाइसेंस हैं।

विधायक ने नहीं किए थे शस्त्र सरेंडर
पुलिस अफसर के मुताबिक कुछ समय पहले शस्त्र लाइसेंस संबंधी कानून में संशोधन हुआ था। अब एक शख्स दो ही असलहों के लाइसेंस ले सकता है। निर्देश जारी हुए थे कि जिनके पास दो से अधिक शस्त्र लाइसेंस हों वह लाइसेंस सरेंडर कर दें लेकिन विधायक इरफान ने नियम कानून ताक पर रख दिए। लाइसेंस सरेंडर नहीं किया था। वह तीन शस्त्र लाइसेंस रख रहे थे।

एक दर्जन पुलिस अफसर नपेंगे
बिकरू कांड के बाद खुलासा हुआ था कि आपराधिक इतिहास होने के बावजूद विकास दुबे के शस्त्र लाइसेंस बने थे और उनका नवीनीकरण भी किया गया था। इसमें 50 से अधिक पुलिसकर्मी नपे थे।  विधायक व उसके भाई के लाइसेंस नवीनीकरण करने वाले एक दर्जन पुलिस अफसर रडार पर आ गए हैं। जांच के बाद बड़ी कार्रवाई होनी तय है।

पासपोर्ट में रिपोर्ट लगाने वाले भी फंसेंगे
इरफान व रिजवान के पास पासपोर्ट हैं। आपराधिक इतिहास होने के बावजूद पासपोर्ट बन जाना पुलिस की मिलभगत का खेल है। पासपोर्ट का आवेदन करने के बाद पुलिस से रिपोर्ट मांगी जाती है। अगर आपराधिक इतिहास होता है, तो पासपोर्ट नहीं बनता है, लेकिन इसमें पुलिस ने खेल किया। रिपोर्ट इरफान व रिजवान के पक्ष में दी। इसलिए उनके पासपोर्ट बन गए। ये खेल करने वाले पुलिस अधिकारी भी फंसेंगे।
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यह बेहद गंभीर मामला है। इसमें विस्तृत जांच कराई जाएगी। काफी विवरण जुटाया जा चुका है। शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के अलावा जिम्मेदारों पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।  -बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर
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