26 नवंबर को इससे संबंधित एक केस ग्वालटोली थाने में पुलिस ने दर्ज किया था। पुलिस ने दावा किया था कि इरफान ने अशरफ अली नाम से आधार बनाकर इसी पहचान का इस्तेमाल किया। एयरपोर्ट पर भी इसी के जरिये प्रवेश किया। तब पुलिस ने इरफान के मददगार सपा नेत्री नूरी शौकत, उनके ड्राइवर अम्मार इलाही, इरफान के साले अनवर व मंसूर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
बीते शुक्रवार को इरफान और रिजवान सरेंडर कर जेल चले गए थे। नूरी का भाई अशरफ भी जेल भेजा जा चुका है। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि मामले में नामजद आरोपी नूरी शौकत के मौसा इशरत को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में पता चला कि उसने अपने घर पर विधायक का फर्जी आधार कार्ड छिपाकर रखा है। पुलिस की टीम ने उसको बरामद कर लिया।
मेरे सामने बनाया गया था फर्जी आधार
पुलिस के मुताबिक इशरत ने पूरी वारदात कबूली है। उसने बताया कि विधायक ने नूरी के घर पर पनाह ली थी। वहीं पर विधायक का फर्जी आधार कार्ड बनाया गया था। नूरी के भाई अशरफ अली के आधार पर ही इरफान की फोटो लगाकर स्कैन किया गया था। तब वह वहीं पर मौजूद था। यही आधार विधायक लेकर वहां से निकले थे, जिससे उनकी खुद की पहचान उजागर न हो सके। अशरफ अली की पहचान से ही वह मुंबई पहुंचे थे।
सरेंडर करने से पहले ठिकाने लगाने को दिया था आधार
पूछताछ में इशरत ने बताया कि इरफान के सरेंडर की उसे पहले ही जानकारी थी। इशरत के मुताबिक सरेंडर के दिन (02 दिसंबर) सपा विधायक ने अपने घर पर उनको बुलाया था। इस दौरान फर्जी आधार कार्ड विधायक ने इशरत को दिया था। इरफान ने कहा था कि इसको ठिकाने लगा देना। पुलिस के हाथ नहीं लगना चाहिए।
आधार बनाने वाला अभी पकड़ से दूर
ग्वालटोली के केस में कुल नौ नामजद आरोपी हैं, जिनमें से आठ आरोपी जेल पहुंच चुके हैं। अली नाम का नामजद आरोपी फरार है। उसी ने आधार बनाया था। वह कर्नलगंज का रहने वाला है। पुलिस को ज्यादा जानकारी अली के बारे में नहीं मिल सकी है। पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्द ही वह अली को भी गिरफ्तार कर लेंगे। अगर किसी अन्य की भूमिका मिली, तो पुलिस उनको भी आरोपी बना कार्रवाई करेगी।