कानपुर जेल में बंद सपा विधायक इरफान सोलंकी व उनके भाई रिजवान के खिलाफ पुलिस के पास पहुंचीं शिकायतों की जांच पूरी हो गई है। अब कोई भी शिकायत की जांच लंबित नहीं है। अधिकतर शिकायतों का आधार पुलिस को नहीं मिला। इसलिए उनमें केस दर्ज नहीं किए गए।
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जिन चार मामलों में साक्ष्य थे, उनमें पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। कई शिकायतें तो साजिशन फर्जी भेजी गईं। भेजने वालों का नाम तक नहीं पता चला। इसलिए इन्हें खारिज कर दिया गया है। विधायक के जेल जाने के बाद दोनों के खिलाफ पुलिस के पास शिकायतें पहुंचने लगी थीं। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
खुन्नस में भी भेजी गईं शिकायतें
पुलिस के पास 50 से अधिक शिकायतें पहुंचीं थीं। अधिकतर शिकायतों में पुलिस को साक्ष्य नहीं मिले। जानकारी के मुताबिक विधायक के खिलाफ तमाम लोगों ने खुन्नस में शिकायतें की थीं। पुलिस अफसरों का कहना है कि कई प्रार्थना पत्रों से शिकायतकर्ता का नाम तक गायब था। फिर भी आरोपों की जांच की गई।
विधायक के खिलाफ अब तक जो शिकायतें आई थीं, सभी की जांच पूरी कर ली गई है। जिनमें सुबूत मिले थे, उनमें केस दर्ज कराए गए थे। अब अगर कोई नई शिकायत आती है तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। -बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर