मुख्य गवाहों की गवाही भी हो चुकी है
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि मुकदमे में इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी और तत्कालीन पार्षद मुर्सलीन खां उर्फ भोलू के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। एमपीएमएलए लोअर कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई चल रही है। मुर्सलीन खां को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। इरफान और रिजवान की ओर से जमानत याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। तर्क रखा गया कि विवेचना पूरी हो गई है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, कोर्ट में ज्यादातर मुख्य गवाहों की गवाही भी हो चुकी है।
इरफान व रिजवान की जमानत याचिका स्वीकार
इरफान का नौ मुकदमों का पुराना आपराधिक इतिहास था और इस मुकदमे के बाद नौ और मुकदमे दर्ज हुए हैं। वहीं, रिजवान के खिलाफ पहले दो मुकदमे दर्ज थे इसके बाद पांच और मुकदमे दर्ज हुए हैं। जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया कि इरफान, रिजवान के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। आगजनी के एक मुकदमे में दोनों को 3 जून 2024 को सेशन कोर्ट ने दोषसिद्ध कर सजा भी सुनाई है। सजा को स्थगित करने की मांग भी खारिज की जा चुकी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने इरफान व रिजवान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।