चार्टर्ड एकाउंटेंट सोसाइटी स्टडी सर्किल की ओर से बुधवार को आयकर अधिनियम के अंतर्गत कैपिटल गेन विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
बतौर मुख्य वक्ता सीए गोविंद कृष्णा ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति भूमि या भवन को साझेदारी फर्म में अपनी पूंजी के अंश में निवेश करता है तो उसे संपत्ति का ट्रांसफर मानते हुए करदाता की ओर से कैपिटल गेन कर देना होगा।
उक्त पूंजीगत लाभ की गणना के लिए संपत्ति का मूल्यांकन धारा 43 (3) के अंतर्गत किया जाएगा एवं धारा 50 सी का प्रावधान उस पर लागू नहीं होंगे क्योंकि उक्त संपत्ति का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि भूमि या भवन के किरायेदारी के अधिकार अथवा लीज के अधिकार ट्रांसफर की दशा में धारा 50सी के प्रावधान लागू नहीं होंगे, क्योंकि उक्त अधिकार भूमि या भवन की श्रेणी में वर्गीकृत नहीं किए जा सकते हैं।
लेकिन यदि विगत वर्षों मेें करदाता से भूमि व भवन पर हृास क्लेम किया है एवं ऐसे भूमि या भवन की बिक्री करता है जिस पर अल्पकालीन पूंजीगत लाभ मानते हुए कर की गणना धारा 50 सी के अंतर्गत की जानी है उस पर धारा 50 सी के प्रावधान लागू होंगे।
गोष्ठी का संचालन सीए विशाल खन्ना ने किया। इस दौरान सीए स्वर्ण सिंह, सीए संकल्प भल्ला, शिशिर शुक्ला, आदि शामिल रहे।
क्या है धारा-50 सी
आयकर के प्रावधान के मुताबिक यदि आपने 50 लाख रुपये की संपत्ति 40 लाख रुपये में बेच दी है तो आयकर विभाग संपत्ति का मूल्यांकन 50 लाख रुपये की करेगा न कि 40 लाख रुपये।