कानपुर देहात। थाना अकबरपुर में वर्ष 2019 से 2025 के बीच दर्ज मामलों की विवेचना में लापरवाही बरतने और केस डायरी, आरोप पत्र व अंतिम रिपोर्ट सीओ कार्यालय में जमा नहीं करने के मामले में एक निरीक्षक और तीन उप निरीक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अकबरपुर थानाध्यक्ष हरमीत सिंह की तहरीर पर दर्ज मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
संबंधित पुलिसकर्मियों पर समय-समय पर निर्देश दिए जाने के बावजूद विवेचना से जुड़े अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने का आरोप है। इससे संबंधित मामलों में वादी और पीड़ितों को न्याय मिलने में बाधा आने की बात सामने आई है। थानाध्यक्ष हरमीत सिंह के अनुसार, निरीक्षक राकेश कुमार 14 अभियोगों की विवेचना कर रहे थे। वहीं, उप निरीक्षक भूकेंद्र सिंह और महाराज सिंह के पास चार-चार तथा धीरेंद्र कुमार के पास दो अभियोगों की विवेचना थी। इन सभी मामलों से संबंधित केस डायरी, आरोप पत्र और अंतिम रिपोर्ट सीओ कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराई गई। अभिलेख जमा नहीं होने से विवेचनाओं की प्रगति और मामलों में आगे की कार्रवाई प्रभावित होने की स्थिति बनी।
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पत्राचार के बाद भी नहीं जमा किए अभिलेख
थानाध्यक्ष ने बताया कि विवेचना से संबंधित अभिलेख जमा कराने के लिए सीओ कार्यालय से कई बार पत्राचार किया गया। संबंधित विवेचकों को निर्देश दिए जाने के बावजूद कोई रिपोर्ट कार्यालय में नहीं पहुंची। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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22 मामलों की विवेचना करने वाले दरोगा का निधन
इसी अवधि में उप निरीक्षक दिवाकर पांडेय भी 22 अभियोगों की विवेचना कर रहे थे। उनका निधन हो चुका है। थानाध्यक्ष के अनुसार, उनके पास रहे मामलों की विवेचना अब अन्य पुलिसकर्मियों से कराई जाएगी, ताकि लंबित मामलों में आगे की कार्रवाई की जा सके। अब जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अभियोगों की वर्तमान स्थिति क्या है और उनमें आवश्यक अभिलेखों के अभाव में कितनी कार्रवाई लंबित है।