फतेहपुर। अंबेडकरनगर के युवक की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस की जांच आत्महत्या के लिए उकसाने के पहलू पर केंद्रित हो गई है। पहले पुलिस ने प्रेमिका और उसके पुलिसकर्मी भाई समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर धाराओं में संशोधन की संभावना जताई जा रही है। पुलिस तेजी से साक्ष्य जुटाने में लगी है। एहतियात के तौर पर आरोपियों के घर पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
अंबेडकरनगर जिले के टांडा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर हड़वा निवासी अकमल (30) गाजियाबाद में निजी नौकरी करता था। प्रेम संबंध के चलते वह तीन अगस्त को बकेवर थाना क्षेत्र के शकूराबाद निवासी तहजीब उर्फ खुशबू के घर पहुंचा था। आरोप है कि परिवार के लोगों ने उसकी पिटाई करने के बाद उसे अपनी ही एक दुकान में बंद कर दिया। चार अगस्त को उसका शव दुकान के अंदर फंदे से लटका मिला था।
भाई अमजद खान की तहरीर पर पुलिस ने तहजीब उर्फ खुशबू, उसके पिता शफीक, मां रशीदा, बहन सूफिया बेगम पत्नी माजिद अहमद निवासी पीली कोठी कानपुर, सिपाही भाई नफीस और खुर्शीद के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने परिवार के कई सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। बृहस्पतिवार को पुलिस चार बार गांव पहुंची। घर की तलाशी ली और साक्ष्य जुटाए। साथ ही खुशबू और उसके परिवार के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाली जा रही है।
बताया जा रहा है कि प्रयागराज में तैनात सिपाही नफीस एक न्यायाधीश की सुरक्षा ड्यूटी में है। एहतियात के तौर पर आरोपियों के घर पर एक दरोगा, दो महिला कांस्टेबल और एक दीवान की तैनाती की गई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नामजद आरोपियों की भूमिका तय कर रही है। थानाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं और जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।