कानपुर। शहर में अक्तूबर और नवंबर माह की शुरुआत में चोरी हुईं 20 से अधिक कारों की पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। इन कारों का इस्तेमाल किसी आतंकी साजिश में नहीं किया गया इस एंगल पर भी जांच की जा रही है। पुलिस ने खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर फजलगंज, चकेरी, कल्याणपुर क्षेत्र से कार बेचने और खरीदने का काम करने वालों को उठाया। उनसे पूछताछ चल रही है। चोरी के पुराने आरोपियों की तलाश भी जारी है।
दिल्ली के लाल किला के नजदीक हुए विस्फोट के बाद जांच एजेंसियों को ऐसी ही 32 कारों से धमाके करने की साजिश रचने का इनपुट मिला है। एटीएस, एनआईए, आईबी की टीमें संदिग्ध कारों की तलाश में जुट गई हैं। क्षेत्रीय पुलिस से भी सहयोग लिया जा रहा है। धमाके और उससे पहले फरीदाबाद में विस्फोटक के साथ पकड़ी गई जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पूर्व डॉक्टर शाहीन सईद और उसके भाई डॉ. परवेज अंसारी का नाम आने से कमिश्नरी पुलिस की मदद ली जा रही है।
सूत्रों के अनुसार अब तक हुई जांच में पता चला कि अक्तूबर और नवंबर की शुरुआत में शहर से कई लग्जरी और एसयूवी कारों की चोरी हुई है। यह कारें कहां गईं इसका पता लगाया जा रहा है। हाईवे से सटे थानों के प्रभारियों और चौकी इंचार्ज को वाहन चोरी की वारदातों में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने का लक्ष्य दिया गया है। कुछ वाहनों को ले जाते हुए की घटना सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कैद हुई थीं। उसकी फुटेज के आधार पर चोरों का हुलिया और हावभाव को देखा जा रहा है।
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संवेदनशील क्षेत्रों में खड़ी संदिग्ध कारें हटवाईं
शहर के संवेदनशील और अतिव्यस्त क्षेत्रों में संदिग्ध हालात में खड़ीं कारों को हटवाया जा रहा है। थाना प्रभारियों और बीट स्टाफ को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। कमिश्नरी के अधिकारियों की ओर से इसके निर्देश जारी हुए हैं। गुरुवार और शुक्रवार को बेकनगंज, चमनगंज, अनवरगंज, जाजमऊ, रावतपुर क्षेत्रों से कई दो पहिया और चार पहिया वाहनों को सीज किया गया। उनको हटवा कर थाने और अन्य जगहों पर रखवाया गया है। बेकनगंज से शुक्रवार को सात कारें हटवाई गईं हैं।