विश्व योग दिवस के अवसर पर कानपुर शहर में अमरउजाला फाउंडेशन द्वारा परशुराम वाटिका में आयोजित योगशाला में भारी भीड़ उमड़ी। बुजुर्ग, महिलाएं, के साथ ही बच्चे भी योग सीखने योगशाला स्थल पर पंहुचे।
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योग सीखते शहर के लोग
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में बेंगलुरु से आए आर्ट ऑफ लिविंग के योग विशेषज्ञ ऋषि देवव्रत योग क्रियाओं के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। योग के प्रति लोगों का उत्साह देखते बन रहा था। यही वजह है कि सुबह 5 बजे से ही योगस्थल पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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योगासन
- फोटो : अमर उजाला
वृद्धजनों, महिलाओं, पुरुषों के साथ ही बच्चे न भी योगशाला में चढ़-बढ़कर हिस्सा लिया। योगशाला कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलन के साथ की गयी। इसके बाद आर्ट ऑफ लिविंग बेंगलूरु से आए योगगुरु ऋषि देवव्रत लोगों को योग कराया।
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योगशाला
- फोटो : अमर उजाला
परशुराम वाटिका में आयोजित योगशाला का माहौल योगमय नजर आ रहा था। योगगुरु योगशाला में मौजूद शहर के लोगों को योगक्रियाएं सिखाई। लोगों में योग को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया।
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योगशाला
- फोटो : अमर उजाला
भारी संख्या में लोग योगक्रियाएं सीखने योगशाला में पंहुचे। योगासन सिखाने से पूर्व योगगुरु ने लोगों को योग के नियम भी बताए। उन्होने कहा कि योगासन शौचक्रिया से निवृत्त होने के बाद ही करनी चाहिए। योग करने के करीब एक घंटे बाद ही स्नान करने की सलाह दी। आर्ट ऑफ लिविंग बेंगलुरु के योग विशेषज्ञ ऋषि देवव्रत ने लोगों को योग के फायदे बताते हुए योगक्रियाएं सिखाई।
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योगशाला
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि योगासन समतल भूमि पर आसन बिछाकर ही करना चाहिए। साथ ही योगगुरु ने ढ़ीले कपड़े पहनकर योग करने के बात कही। बताया कि योगासन खुले और हवादार स्थान पर ही करना चाहिए।
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योगशाला
- फोटो : अमर उजाला
योगगुरु ने लोगों को श्वास क्रिया, सूर्य नमस्कार, पादहस्त आसन, शवासन, कपाल भाति क्रिया, पद्मासन सिखाया। योग स्थल का नजारा देखते बन रहा था। लोगों में योग के प्रति दिखने वाला जोश उनके चेहरे से छलक रहा था। शहर के कोने- कोने से आए लोगों ने योगगुुरु द्वारा गए योगासन किए।
योगगुरु ने लोगों को योग क्रियाएं कराने के साथ ही उनको अन्य क्रियाअों के बार में भी विस्तार से बताया। योग स्थल पर पक्षियों की चहचहाहट और शांत माहौल में लोग योग का आनंद लेते रहे।