यूपी के कानपुर शहर में पहली बार लगी चमड़ा उत्पादों की प्रदर्शनी से उत्साहित कारोबारी अब अंतरराष्ट्रीय मेगा लेदर शो की तैयारी कर रहे हैं। चर्म निर्यात परिषद फरवरी, 2019 में चेन्नई अथवा कानपुर में इंटरनेशनल मेगा लेदर शो का आयोजन करने जा रहा है। स्थान के चयन पर विचार किया जा रहा है।
परिषद के चेयरमैन मुख्तारुल अमीन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मेगा लेदर शो का स्वरूप इतना व्यापक होगा कि हर तरह के चमड़ा कारोबारी के लिए कुछ न कुछ इसमें होगा। यह प्रदर्शनी डिजाइनिंग, तकनीक और भविष्य की जरूरतों पर आधारित होगी। 50 से ज्यादा देशों के दो हजार से ज्यादा कारोबारियों को आमंत्रित करने की योजना है। इससे दुनिया के सामने भारतीय चमड़ा बाजार की महत्ता पेश की जा सकेगी। नए बाजार की तलाश में भी मदद मिलेगी।
चर्म निर्यात परिषद से जुड़े उद्यमी बताते हैं कि नोटबंदी, जीएसटी, स्लाटर हाउस की बंदी जैसे कारणों से शहर के चमड़ा निर्यात कारोबार को बड़ी चोट पहुंची है। नोटबंदी के बाद से लगातार कम होते निर्यात को बढ़ाना चमड़ा कारोबारियों के लिए नई चुनौती के रूप में सामने आया है। कारोबारियों को इससे उबारने के लिए चर्म निर्यात परिषद ने निर्यात प्रोत्साहन विभाग के साथ मिलकर नए बाजार की तलाश का व्यापक प्लान तैयार किया है।
डेमो पिक
हालांकि प्रदेश में कारोबारी सुगमता का माहौल बना है। चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास हो रहे हैं लेकिन समस्या ये है कि निर्यात लगातार कम होता जा रहा है। इसके पीछे बांग्लादेश और चीन जैसे देशों के सस्ते उत्पाद भी एक वजह हैं। ऐसे में वर्ष 2018-19 में 20 से अधिक देशों के भ्रमण की भी योजना बनाई गई है। ये ऐसे देश हैं, जहां चमड़ा उत्पादों की खपत तो है, लेकिन स्थानीय सरकार के प्रतिबंध या आयात शुल्क अधिक होने के कारण उत्पादों का निर्यात नहीं होता। ऐसे देशों के राष्ट्राध्यक्ष के साथ वार्ता करके निर्यात के अनुकूल माहौल तैयार किया जाएगा। इसके अलावा ऐसे देशों के साथ द्विपक्षीय कारोबारी रिश्ते भी तैयार किए जाएंगे। यानी कच्चे माल के आयात के बदले चमड़ा उत्पादों का निर्यात किया जाएगा।
इस तरह हो रही गिरावट
चमड़ा निर्यात में हर साल गिरावट आ रही है। वित्तीय वर्ष 2015-2016 में जहां 6430 करोड़ का टर्नओवर था। वहीं, वर्ष 2016-2017 में घटकर 6200 करोड़ रह गया। 2017-18 में यह 5500 करोड़ रुपये के करीब है।
कारोबार को बढ़ाने के लिए नए बाजार की तलाश करना बेहद जरूरी है। पिछले वर्ष भी करीब एक दर्जन देशों का भ्रमण किया गया था। इस बार इससे अधिक नए देशों में शहर के चमड़ा उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। नए देशों के कारोबारियों को स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता के आधार पर जोड़ा जा रहा है।
- जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद