कानपुर देहात। जनपद में संचालित एटीएस (स्वचलित परीक्षण स्टेशन) पर फिटनेस के लिए आने वाले वाहनों पर दलालों का दखल कम होने का नाम नहीं ले रहा है। फिटनेस कराने के लिए आने वाले वाहन स्वामियों से ऑनलाइन जमा होने वाली फीस से तीन से चार गुना अधिक रुपये वसूले जा रहे हैं। वहीं अगर वाहन में कोई कमी होती है, तो उसके एवज में अतिरिक्त रुपये वसूले जाते हैं।
शासन ने व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस का जिम्मा एआरटीओ कार्यालय से अलग एटीएस को सौंप दिया है। इसका उद्देश्य वाहन स्वामियों को दलालों के मकड़जाल से मुक्ति दिलाना था। अधिकारी भले ही बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन पर रोक लगाने का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि स्टेशन के बाहर इनका दखल कम नहीं हो रही है। दलाल वाहनों की फिटनेस के लिए निर्धारित फीस से अधिक वसूल रहे हैं और पास कराने का दावा कर रहे हैं।
स्थिति यह है कि शासन की तरफ से हल्के वाहनों के लिए ऑनलाइन फीस 908 रुपये के करीब निर्धारित की हुई है, लेकिन वाहन स्वामियों से 3000 रुपये से लेकर 6000 रुपये तक वसूल रहे हैं। वहीं भारी व्यावसायिक वाहनों के निर्धारित 1380 रुपये ऑनलाइन फीस की जगह 10 से 12 हजार रुपये तक ले रहे हैं। जबकि एटीएस में फिटनेस के लिए जाने वाले वाहन के स्वामियों को बाहर ही रोक दिया जाता है। स्टेशन के निर्धारित चालक ही वाहन को अंदर लेकर जाते हैं और फिर बाहर लेकर आते हैं। हालांकि एटीएस हेड के मुताबिक फिटनेस के लिए थ्री डी मशीनों का उपयोग किया जाता है, ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से वाहन स्वामियों को अंदर जाने से रोका जाता है।
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फिटनेस कराने वालों से ज्यादा हैं दलाल
एटीएस पर फिटनेस कराने वालों से ज्यादा तो दलाल घूमा करते हैं। उनके माध्यम से वाहनों की फिटनेस आसानी से हो जाती है, हालांकि उनकी फीस अधिक होती है। बस की फिटनेस वैधता समाप्त होने चुकी है। यहां आने पर दलाल ने 14 हजार रुपये फीस की रसीद दिए जाने के अलावा 6000 रुपये अतिरिक्त की मांग की है, जिसमें रिफ्लेक्टर टेप सहित अन्य सभी खर्च शामिल हैं। वाहन स्वामी को अंदर जाने भी नहीं देते हैं, अब वहां क्या करते हैं क्या नहीं कुछ नहीं पता चलता है। बस काम हो जाता है। - जितेंद्र सिंह, हमीरपुर
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फिटनेस फीस 900, लग गए 3500 रुपये
हल्के वाहनों की फिटनेस फीस करीब नौ सौ रुपये निर्धारित हैं, लेकिन यहां तीन गुना से अधिक खर्च हो गए। ऑटो की फिटनेस समाप्त होने वाले दिन ही आ गए हैं, इसके बावजूद अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। यहां बिना दलाल के कोई काम नहीं होता है। अगर सीधे काम करना चाहो तो कोई न कोई कमी निकाल कर उसे पूरा कराने के नाम पर वापस कर दिया जाता है। ऐसे में अगर चार चक्कर लगाने पड़ गए तो समय के साथ रुपये भी खर्च होते हैं। इससे अच्छा है कि सीधे दलाल से काम कराओ को झंझट से मुक्ति पाओ। - रमेश कुमार, औरैया
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बयान......
एटीएस आने वाले वाहनों के स्वामियों को ही बाहर रुकने की अनुमति रहती है। इसके अलग बाहरी व्यक्तियों के होने की जानकारी मिलती है, तो उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। अगर किसी भी व्यक्ति से निर्धारित फीस के अतिरिक्त रुपये की मांग की जाती है, तो गलत है। वाहन स्वामी ऑनलाइन फीस कटाकर फिटनेस करा सकते हैं। हालांकि वाहन के मानक पूरे होने जरूरी है। जल्द ही बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। - आशुतोष शर्मा, एटीएस हेड
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वाहन के अनुसार निर्धारित है फीस
वाहन - ऑनलाइन फीस - फिटनेस फीस
हल्के व्यावसायिक वाहन- 908 - 1508
भारी व्यावसायिक वाहन - 1380 - 2380