कानपुर देहात। खानचंद्रपुर रनियां में डंप क्रोमियम से भूजल दूषित हो चुका है। अब तक कई लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम-मर्करी पाया जा चुका है। एनजीटी ने सख्ती दिखाते हुए पांच बिंदुओं पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। इसमें सात हजार आबादी की जांच कराने, आरओ से शुद्ध पानी मुहैया कराने को कहा है। इसके अलावा दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की गाइडलाइन पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
खानचंद्रपुर में करीब 90 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा डंप रहने से भूजल दूषित हो गया था। इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने लगी थी। एनजीटी ने स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीणों की सेहत की निगरानी करने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाई गई जांच में अब तक 34 लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम व पांच लोगों में मर्करी जैसे घातक तत्व मिले हैं। लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एनजीटी ने 25 नवंबर तक स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन से पांच बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। एनजीटी ने पूछा है कि अब तक राहत व बचाव के लिए क्या-क्या किया गया है।
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि एनजीटी की ओर से क्रोमियम प्रभावित क्षेत्र खानचंद्रपुर, उमरन व इसके मजरों में रहने वाले लोगों की सात हजार आबादी है। इन सभी की जांच करवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जांच प्रक्रिया में लगने वाले समय को लेकर भी जानकारी मांगी है। प्रभावित क्षेत्र के लोगों व राहगीरों को दूषित जल न पीना पड़े इसके लिए प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था पर रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पानी देने के लिए आरओ प्लांट लगवाने के निर्देश दिए हैं।
क्रोमियम से प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य सुधार के लिए दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की गाइडलाइन पर स्वास्थ्य सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर 31 अक्तूबर को दिल्ली एम्स की टीम ने कानपुर नगर में क्रोमियम प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ कानपुर देहात, फतेहपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में जिले से डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष वाजपेयी ने प्रतिभाग किया था। दिल्ली एम्स से गाइड लाइन आने पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की मदद से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। जबकि प्रशासन से क्रोमियम प्रभावित लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ, पुर्नवास योजना आदि के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।
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खाने पीने की भी होगी काउंसलिंग
एनजीटी की ओर से क्रोमियम प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य को लेकर एनजीटी ने चिंता जताने के साथ स्वास्थ्य विभाग को पीड़ितों के खाने-पीने पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि खानचंद्रपुर व उमरन में मानक से अधिक क्रोमियम मिलने वाले व्यक्तियों में अभी किसी भी प्रकार के लक्षण देखने को नहीं मिले हैं। एनजीटी की ओर से क्रोमियम से प्रभावित लोगों के खानपान पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी भी व्यक्ति में कोई भी आवश्यक तत्व की कमी होती है तो उसे संबंधित फूड सप्लीमेंट देने के लिए भी कहा गया है।
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102 लोगों की जांच रिपोर्ट आना बांकी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक खानचंद्रपुर व इसके मजरों में लोगों के रक्त में मिले क्रोमियम की जांच करवाई गई थी। जिसमें 34 लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था। एनजीटी के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने खानचंद्रपुर से सटे उमरन के लोगों की भी जांच करवाने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 29 व 30 अक्तूबर को दोनों गांव से रैंडम 102 लोगों के रक्त व यूरिन के नमूने लेकर क्रोमियम, मर्करी, किडनी व लिवर फंक्शन टेस्ट के लिए नमूने लेकर लखनऊ जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें पूर्व में मानक से अधिक क्रोमियम मिलने वाले लोगों को भी शामिल किया गया था। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि एक या दो दिन में इसकी रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
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25 से 30 नवंबर के बीच 150 लोगों के लिए जाएंगे नमूने
स्वास्थ्य विभाग तीन माह में एक बार रक्त की जांच करवाने के साथ एक माह में आठ स्वास्थ्य शिविर लगा रहा है। लोगों में बढ़ते क्रोमियम के खतरे को देखते हुए जांच की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग एक माह के अंदर ही दूसरी बार लोगों के रक्त व यूरिन के नमूने लेकर जांच के भेजने की तैयारियां कर रहा है। सरवनखेड़ा पीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश यादव ने बताया कि सीएमओ की ओर से 25 नवंबर से 30 नवंबर तक करीब 150 लोगों की सैंपलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सैंपलिंग के दौरान लोग टीम को सहयोग करने में आनाकानी करते हैं। कई बाद टीम के साथ अभद्रता भी कर देते हैं। लोगों को समझाने के लिए नगर पंचायत, पंचायती राज विभाग व पुलिस का सहयोग लेने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। जिससे सैंपलिंग के दौरान टीम को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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बोले जिम्मेदार
खानचंद्रपुर व उमरन के लोगों की सेहत को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। एनजीटी के निर्देश अनुसार दोनों गांवों में लोगों की जांच, स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य शिविर लगाने के साथ लगातार निगरानी की जा रही है। इसमें मेडिकल कॉलेज की टीम का भी सहयोग लिया जा रहा है।- डॉ. एके सिंह, सीएमओ