ब्लैकमेलिंग से तंग आकर दी जान
एसपी तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि फजलगंज में तैनात एक महिला सिपाही से दरोगा प्रेम प्रसंग था। दरोगा के परिजनों ने पुलिस को बताया कि महिला सिपाही अनूप सिंह को ब्लैकमेल करती थी। इसी से त्रस्त होकर अनूप ने ऐसा कदम उठाया।
हालांकि अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। उनका कहना था कि शव का अंतिम संस्कार करने के बाद वह तहरीर देंगे। मामले में अनूप के परिजन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। अनूप के परिवार में उनकी पत्नी पूनम व दो साल का बेटा अयांश है।
तीन को छुट्टी पर भेजा, थानेदार पर भी सवाल
एसपी आउटर ने बताया कि जिस महिला सिपाही पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लग रहा है, उसके समेत तीन महिला सिपाहियों को घटना के बाद से छुट्टी पर भेज दिया गया। दावा किया कि तीनों के छुट्टी के प्रार्थना पत्र में एक ही हैंडराइटिंग है।
यही नहीं एसपी ने ये भी दावा किया कि बैकडेट में छुट्टी की अनुमति दी गई। उन्होंने थानेदार देवेंद्र दुबे पर भी भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि थानेदार आरोपों को निराधार बता रहे हैं। उनका कहना है कि छुट्टी के लिए घटना से पहले ही आवेदन किया गया था। उसी आधार पर छुट्टी दी गई।
अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच राजपत्रित अधिकारी से कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई होगी। -बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर