पहले रेल बाजार, फिर महिला थाने में दिन भर एक दरोगा का फैमिली-लव ड्रामा चला। खुद को दरोगा की दूसरी पत्नी बता रही महिला ने दरोगा के साथ ही जीने-मरने की कसमें खाईं। उसने पूरे थाने में चिल्ला-चिल्लाकर हरहाल में दरोगा के साथ ही रहने की बात कहीं।
उसने दरोगा के शादीशुदा और बच्चे होने के बावजूद उसके साथ ही रहने की जिद पकड़ ली। दरोगा की दूसरी शादी पर कहा कि राजा दशरथ ने तो तीन-तीन शादियां की थीं, इन्होंने दूसरी कर ली तो क्या हुआ। मैं इन्हें किसी हाल में नहीं छोड़ूंगी। ये जेल जाएंगे तो वहीं जाऊंगी, ये गंगा में कूदकर जान देंगे तो मैं भी साथ में मर जाऊंगी। महिला के लव ड्रामे का पटाक्षेप दोनों पत्नियों के बीच समझौते के साथ हुआ। दोनों पत्नियां अलग-अलग रहेंगी, दरोगा दोनों के पति बने रहेंगे।
शहर के एक थाने में एसआई और वर्तमान में कानपुर चुनाव सेल में तैनात एक दरोगा पत्नी समेत ट्रैफिक पुलिस लाइन में रहते हैं। सोमवार को फर्रुखाबाद निवासी एक महिला ने दरोगा को अपना पति बताते हुए पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी। उसने महिला थाने में भी शिकायत की थी। महिला थाने की इंस्पेक्टर ने मंगलवार को दोनों पक्षों को थाने में बुलाया था। इससे पहले दूसरी पत्नी रेलबाजार थाने से एक सिपाही को लेकर दरोगा के घर चली गई। दूसरी पत्नी ने दरोगा की पहली पत्नी के बच्चों द्वारा उसके साथ मारपीट करने और चाकू लेकर दौड़ाने का आरोप लगाया। इसके बाद दोनों पक्षों को पहले रेलबाजार, फिर महिला थाने लाया गया। जहां घंटों पंचायत के बाद दोनों पत्नियों में समझौता करा दिया गया।
फर्रुखाबाद में तैनाती के दौरान हुई दूसरी शादी
2008 में फर्रुखाबाद में तैनाती के दौरान दरोगा के संबंध वहीं मकान मालिक की पत्नी से हो गए। मकान मालिक की पत्नी ने पति को छोड़कर उनसे शादी कर ली। शादी के बाद वह मिर्जापुर में रहने लगी। महिला के मुताबिक दरोगा ने बताया था कि उसकी पहली पत्नी को कैंसर है, जिसकी वजह से वह उसके साथ नहीं रहता है।
पति पर एकाधिकार के चक्कर में लड़ाई
पुलिस के मुताबिक दूसरी पत्नी दरोगा पर केवल अपना अधिकार चाहती थी। जिसके चलते दोनों पत्नियों में मारपीट हो गई। हालांकि दोनों में बाद में समझौता हो गया है।