कानपुर। प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितताओं और निर्धारित मानकों का पालन नहीं किए जाने की शिकायतों पर छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने दयानंद विधि महाविद्यालय की जांच के आदेश दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जांच समिति गठित की है। समिति ने बुधवार को महाविद्यालय पहुंचकर प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित अभिलेखों और दस्तावेज का स्थलीय निरीक्षण किया।
जांच समिति में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, उपकुलसचिव परीक्षा अंजली मौर्या, सहायक कुलसचिव कौशलेंद्र पांडेय और प्रो. शशिकांत त्रिपाठी शामिल हैं। टीम ने महाविद्यालय के प्राचार्य से प्रवेश संबंधी रिकॉर्ड प्राप्त कर उनका परीक्षण किया। समिति की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह अनुपालन नहीं किया गया।
इसके अलावा शासन के नियमों और आरक्षण संबंधी प्रावधानों के पालन की पुष्टि करने वाले आवश्यक अभिलेख भी समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए। जांच के दौरान अभ्यर्थियों को प्रवेश संबंधी सूचनाएं देने के माध्यम, सूचना प्रसारित करने की संख्या और तिथियों तथा विभिन्न चरणों में मेरिट सूची जारी करने की तारीखों से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। इनके अभाव में प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता और आरक्षण नियमों के अनुपालन की समुचित पुष्टि नहीं हो सकी।
विश्वविद्यालय की समिति ने महाविद्यालय को प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इनमें आरक्षण नियमों के अनुपालन, अभ्यर्थियों को दी गई सूचनाओं और मेरिट सूची के प्रकाशन से जुड़े दस्तावेज प्रमुख हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार ने बताया कि दस्तावेज मिलने के बाद प्रकरण का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। तथ्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति निर्धारित कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।