कानपुर। दिल्ली विस्फोट के बाद 32 कारों के माध्यम से सीरियल ब्लास्ट करने की योजना बनाने की बात सामने आई है। इन्हें अलग-अलग शहरों से खरीदे जाने की आशंका है। जांच एजेंसियों को ऐसी ही दो कारों को कानपुर से खरीदे जाने के इनपुट मिले हैं। ये कारें पुरानी हैं इन्हें एक ही विक्रेता से खरीदे जाने का सुराग लगा है। जांच एजेंसियां इन दोनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। इस खरीद फरोख्त के खेल में कई लोगों के शामिल होने का अंदेशा है।
शहर में पुरानी कारों का बड़ा बाजार है। यहां पर आस-पास के जिलों से लोग कारों को खरीदते और बेचते हैं। साथ ही बजरिया, हर्षनगर, फजलगंज, साकेतनगर, पांडुनगर, चकेरी, कल्याणपुर जैसे इलाकों में इनकी सेल और सर्विस की बड़ी बाजार है। यहां पर करीब 15 साल पुरानी से लेकर कुछ महीने ही चली हुई नए मॉडल की गाड़ियां उपलब्ध रहती हैं। कुछ पुरानी कारें कई बार खरीदी, बेची जाती रहीं हैं जिससे उसके दाम काफी कम हो जाते हैं।
ऐसी ही पुरानी आई-20 कार का दिल्ली धमाके में इस्तेमाल किया गया है। जिसे 13 बार बेचा गया था। जांच एजेंसियों को कानपुर में भी पुरानी कार की खरीद का पता चला है। सूत्रों की मानें तो प्रारंभिक जांच में हिरासत में लिए गए ऐसी ही कार के विक्रेता ने आधार कार्ड समेत वे सारे कागजात सौंप दिए हैं जो खरीदने वालों ने उसे दिए थे। एजेंसियां इन कागजातों की जांच कर रही हैं। वहीं, चर्चा है कि कार खरीदने वालों के साथ दो लोग और थे।
विक्रेता ने उनके बाहरी होने का संदेह जताया है। जांच अधिकारी उनके हुलिये केे बारे में पता लगा रहे हैं। हालांकि, गाड़ी खरीदने के दौरान जिन लोगों के एड्रेस प्रूफ दिए गए हैं उनमें से एक चकेरी का बताया जा रहा है। इन कारों के लिए किए गए भुगतान की रकम किन खातों के माध्यम से दी गई है। इसकी भी जांच की जा रही है।
संदिग्धों की फ्रैंड्स लिस्ट खंगाल रहीं जांच एजेंसियां
डॉ. शाहीन, डॉ. आरिफ और डॉ. परवेज अंसारी के सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने उनसे जुड़े संदिग्धों पर भी अपनी नजर जमा दी है। वह सिर्फ उनकी दैनिक दिनचर्या पर ही नहीं उनकी वर्चुअल गतिविधियों पर भी नजर रख रहीं हैं। ऐसे सभी संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट और उनकी फ्रैंड्स लिस्ट की जांच की जा रही है। इस बात की पड़ताल भी हो रही है कि उनकी लिस्ट में किसी बड़े प्रतिष्ठान से जुड़े लोगाें का नाम है या नहीं। यदि है तो उनसे कब से और किस स्तर की दोस्ती है।
टोल प्लाजा से लेकर होटलों तक निगहबानी
आतंकी घटनाओं के मद्देनजर संदिग्ध माने जाने वाले शहर में सुरक्षा को लेकर एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। एनआईए से लेकर खुफिया तक ने जिले के टोल प्लाजा से लेकर होटलों तक अपनी नजरें गड़ा दीं हैं। बारा टोल प्लाजा, नवाबगंज टोल प्लाजा और मलवां टोल प्लाजा पर लगे कैमरों की जांच की गई है। शहर में आने वाली संदिग्ध गाड़ियों का भी पूरा ब्यौरा जुटाया जा रहा है।