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तीन बच्चों की मौत का मामला: टीला धंसने से हुई थी मासूमों की मौत, अब प्रशासन को आया आवास का ध्यान

Wed, 05 Oct 2022 06:28 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

गढ़िया मुलू सिंह गांव में कच्चे घर में मिट्टी लेपने के लिए गए तीन बच्चों की टीला धंसने से मौत हुई थी घटना के बाद पहुंची टीम तुरंत कार्रवाई में जुट गई है। बता दें कि पीड़ित परिवार 10 सालों से कच्चे घरों में रह रहे हैं।
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बृजेश का कच्चा घर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इटावा जिले में गढ़िया मुलू सिंह गांव में टीला धंसने से तीन बच्चों की मौत के बाद दो पीड़ितों का नाम आवास के लिए सूची में भेजा गया है। आश्वासन मिला है कि पीएम आवास प्लस योजना के तहत धनराशि आते ही वितरित की जाएगी। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि अगर इन परिवारों को पहले ही पक्का आवास मिल जाता तो, शायद ये हादसा न होता।

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मंगलवार को मृतकों के कच्चे मकानों की ओर अफसरों का ध्यान गया, तो तहसील की टीम तुरंत कार्रवाई में जुट गई। पता चला कि बढ़पुरा क्षेत्र के गांव गुलाब की गढ़िया में बबलू, दीपचंद्र, करन सिंह और ब्रजेश मजदूरी करके घर का पालन पोषण करते हैं। इसमें बबलू का तो पक्का मकान बना है। वहीं, करन सिंह को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा चुका है।
दीपचंद्र और ब्रजेश का परिवार करीब 10 सालों से कच्चे घरों में ही रह रहा है। कई बार पक्के मकानों के लिए प्रयास किया, लेकिन थकी हुई सरकारी व्यवस्था की वजह से दोनों परिवारों को पक्के मकान नहीं मिल सके। यही वजह है कि हर साल मिट्टी के बने घरों को लीपकर दिवाली पर खुशियों के दीपक जलाते रहे।

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सोमवार को घर में लेपने के लिए मिट्टी लेने गई जाह्नवी (9) पुत्री बबलू, सोनाक्षी (7) पुत्री दीपचंद्र और कृष्णा (8) पुत्र करन सिंह की टीला धंसने से मौत हो गई थी। अनुष्का (9) पुत्री ब्रजेश घायल हो गई थी। इसके बाद जिम्मेदार अपने को बचाने में जुट गए। आनन-फानन में पीएम आवास प्लस की सूची में दीपचंद्र और ब्रजेश के नाम शामिल कर लिए गए।

मृतका सोनाक्षी के पिता दीपचंद्र और दादी रामबेटी हादसे के बाद रो-रोकर बस यही कह रहीं थीं कि 10 साल से कच्चे मकान में रह रहे। कई बार ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक दौड़ लगाई, लेकिन मकान नहीं मिला। जब हमाए बच्चन की जान जाने के बाद सूची में नाम आ सको। पक्के मकान हमाए बच्चा नहीं देख सके। घायल अनुष्का के पिता ब्रजेश ने बताया कि वह कई दिनों से आवास के लिए भटक रहे थे। कई सालों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे, तब भी आवास नहीं मिला। अधिकारियों की इस हीलाहवाली ने गांव के तीन बच्चों को निगल लिया। 

जल्द पक्का मकान मिलेगा
ग्राम प्रधान मिहौली जगसिंह बघेल का कहना है कि अभी 2011 की सूची के आधार पर पीएम आवास दिए जा रहे हैं। इस सूची में गांव के छह लोग अभी ऐसे हैं, जिन्हें मकान नहीं मिल सके हैं। इस बार प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना के तहत 150 लोगों को आवास देने के लिए सूची भेजी जा रही है। इसमें दीपचंद्र और ब्रजेश का नाम शामिल किया गया है। जल्द उन्हें पक्का मकान दिलाया जाएगा।

मृतक बच्चों के परिवार को दैवी आपदा फंड के तहत चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके लिए लेखपाल से रिपोर्ट मांगी है। मृतक और घायल के परिवारों में जिनके पास पक्का मकान नहीं है, उनके नाम आवास प्लस की सूची में भिजवाए जाएंगे।  - अवनीश राय, डीएम

नहीं जला चूल्हा, बेटी का शव देख बेहोश हुई मां
तीन बच्चों की मौत के बाद गुलाब की गढ़िया गांव में शोक व्याप्त है। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चों के शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। चूल्हा नहीं जला। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया।
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जाह्नवी, कृष्णा और सोनाक्षी के शव गांव पहुंचे, तो हर आंख नम हो गई। बेटी सोनाक्षी का शव देख मां पप्पी बेहोश हो गईं। गांव की महिलाएं बार बार उनके चेहरे पर पानी डाल कर उठा रही थीं। पिता दिपाचंद्र बेसुध घर के दरवाजे पर ही बैठे रहे। यमुना नदी किनारे तीनों बच्चों के शव दफना दिए गए।
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