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सेप्टिक टैंक में मासूम का शव: छह जून को था अयांश का जन्मदिन, पिता बोले- भगवान ने खुशियां छीन लीं

Thu, 27 Feb 2025 12:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पिता प्रवेश कुमार ने बताया कि उनके बड़े भाई पंकज की तीन बेटियां हैं और छोटे भाई प्रशांत की अभी शादी नहीं हुई है। दोनों भाइयों के बीच अयांश ही इकलौता बेटा था। वह घटना पर अफसोस जताते हुए कह रहे थे कि इतनी कम उम्र ने भगवान ने उनके बेटे को छीन लिया।
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मासूम की फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में चकेरी के सनिगवां में मंगलवार शाम घर के बाहर बच्चों के साथ खेलने के दौरान पीएसी के सिपाही का इकलौता बेटा अचानक लापता हो गया। तलाश के बाद भी चार साल के बेटे का पता न चलने पर परिजनों ने चकेरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

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बुधवार तड़के इलाके के एक निर्माणाधीन मकान में बने सेप्टिक टैंक का ढक्कन खुला देखा तो पुलिस को संदेह हुआ। पंप लगवाकर पानी निकाला तो बच्चे का शव बरामद हो गया। सनिगवां के गायत्रीनगर निवासी प्रवेश कुमार पीएसी में सिपाही हैं। वर्तमान में वाराणसी में तैनात है।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्जकर तलाश शुरू की
उनकी पत्नी अंजली देवी ने बताया कि इकलौता बेटा अयांश मंगलवार शाम को घर के बाहर मोहल्ले के बच्चों के साथ छुपन-छुपाई खेल रहा था। अचानक वह लापता हो गया। काफी खोजबीन करने के बाद भी कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस ने गुमशुदगी दर्जकर बच्चे की तलाश शुरू की।

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निर्माणाधीन मकान - फोटो : amar ujala

शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
बुधवार सुबह इलाके के लोग पड़ोस में रहने वाले एयरफोर्स कर्मी के निर्माणाधीन मकान में गए, तो मकान का सेप्टिक टैंक खुला हुआ था। उसमें पानी भरा हुआ था।लोगों ने बच्चे के डूबने की आशंका जताई, तो एसीपी चकेरी एसएस रामटेके ने टैंक को खाली कराया गया। इस दौरान बच्चे का शव टैंक में ही बरामद हो गया। थाना प्रभारी संतोष शुक्ला ने बताया कि खेलने के दौरान बच्चा सीवर टैंक में गिर गया था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

दोनों भाइयों के बीच इकलौता बेटा था अयांश
पिता प्रवेश कुमार ने बताया कि उनके बड़े भाई पंकज की तीन बेटियां हैं और छोटे भाई प्रशांत की अभी शादी नहीं हुई है। दोनों भाइयों के बीच अयांश ही इकलौता बेटा था। वह घटना पर अफसोस जताते हुए कह रहे थे कि इतनी कम उम्र ने भगवान ने उनके बेटे को छीन लिया।
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छह जून अयांश का जन्मदिन, इलाके में सन्नाटा
लोगों का कहना था कि अयांश रोजाना इलाके के बच्चों के साथ घर के बाहर ही खेलता था। उसे क्या पता था कि मंगलवार को वह आखिरी बार खेल पाएगा। पिता प्रवेश ने बताया कि अयांश का छह जून को जन्मदिन होता था। इस बाद वह पांच साल का हो जाता, लेकिन भगवान ने उनके परिवार की खुशियां छीन ली।
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