यूपी के इटावा जिले में पैसे के लालच में अपहरणकर्ताआें ने आठ साल के मासूम बालक को अगवा कर उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। उसके शव को बोरी में बंद कर नदी में फेंक दिया। 17 अक्तूबर से लापता मासूम का शव थाना इकदिल क्षेत्र के ग्राम पिलखर से शुक्रवार की सुबह बरामद कर लिया गया है। हत्यारों ने 25 लाख रुपये की मांग की थी। पुलिस ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। मृतक के पिता को हाईवे में जमीन अधिग्रहित होने से मुआवजा मिला था। जिसकी जानकारी अपहरणकर्ताओं को भी थी।
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जानकारी के मुताबिक 17 अक्तूबर को पिलखर गांव निवासी राजपाल का सबसे छोटा पुत्र शिवांश उर्फ सोनू (8) घर के बाहर खेल रहा था। देर शाम तक वह घर नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन की। दूसरे दिन भी उसका पता न चलने पर पिता राजपाल ने 18 अक्तूबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा अशोक कुमार त्रिपाठी ने बच्चे की खोजबीन के लिए क्राइम ब्रांच और प्रभारी निरीक्षक जसवंतनगर के नेतृत्व में दो टीमें गठित कर दी। इसी खोजबीन के बीच अपहरणकर्ताओं ने वादी राजपाल के भाई को फोन, कॉल और मैसेज से बच्चे की फिरौती के लिए 25 लाख रुपये की मांग की गई।
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मुआवजा मिलने की खबर फैल गई थी...
पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से अपहरणकर्ताओं के बारे में पुलिस ने जानकारी हासिल कर राजपाल के पड़ोसी प्रवीन जाटव पुत्र हम्बीर सिंह निवासी ग्राम नगला लच्छी को धर दबोचा। पूछताछ में दीपक जाटव पुत्र अशोक कुमार निवासी ग्राम नगला हीरा सिंह मौजा सिरहौल थाना जसवंतनगर तथा जोगेंद्र सिंह पुत्र बीर सिंह ग्राम राजपुर थाना चौबिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि पिता की जमीन हाईवे पर जाने से उन्हें मुआवजा मिला था। जिसकी जानकारी गांव के लोगों को थी।
अभियुक्तों से पूछताछ में उन्होंने कबूला की उन लोगों ने शिवांश उर्फ सोनू को मार दिया है तथा इसका गला काटकर शव बोरे में बंद कर ग्राम लच्छी के समीप नहर में फेंक दिया यह जानकारी मिलते ही पुलिस तथा क्राइम ब्रांच की टीम खोजबीन में जुट गई। 19 अक्तूबर की सुबह10 बजे पुलिस ने अपहृत सोनू का शव पिलखर नहर थाना इकदिल क्षेत्र में शव को बरामद कर लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिता राजपाल की गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं थी। राजपाल तीन भाई है । उनमें से गिरेंद्र अध्यापक है और सत्यपाल रेलगार्ड है। जबकि राजपाल किसानी तथा राजमिस्त्री का काम करते है। तीनों भाइयों के बीच गांव में कुल 4 बीघा खेत है। इनमें से एक बीघा खेती हाईवे निर्माण में अधिग्रहण कर ली गई थी। जिसके मुआवजे के रूप में कुछ पैसे मिले थे, जिनमें से तीनों भाइयों ने बांट लिया। गांव में मुआवजा मिलने की खबर फैल गई थी।
इसी को लेकर राजपाल का पड़ोसी प्रवीण जाटव लालच में आ गया। उसने अपनी साथी दीपक जाटव और जोगेंद्र सिंह को यह बताकर उन्हें भी इस योजना में शामिल कर लिया। पिछले लगभग दो तीन महीने से राजपाल के पुत्रों के अपहरण की योजना बनाने लगे। गत 17 अक्तूबर को जब सोनू घर के बाहर देर शाम खेल रहा था।
प्रवीण ने उसे अपने घर के अंदर से मोबाइल उठा लाने को कहा तथा इसके बाद तीनों अभियुक्त घर में अंदर घुस गये और उसे बांधकर अंदर डाल दिया। बाहर डीजे तेज आवाज में सोनू की चीखे भी दबकर रह गई। सोनू के शोर मचाने पर अपहरणकर्ताओं ने सोनू का मुंह दबाकर दराती से गला काट दिया। उसी शाम साढे़ सात बजे कल्याणपुर के पास नहर में शानू का शव फेंक दिया। 18 अक्तूबर को दोपहर कॉल करके 25 लाख फि रौती की मांग की। सर्विलांस के माध्यम से अपहरणकर्ताओं तक पहुंची पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। लड़के का शव हत्या में प्रयुक्त दराती, खून से सने कपड़े, आदि बरामद किये है।
पैसे के लालच में अपहरण आदि जैसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए प्रवीण जाटव और दीपक जाटव ने इटावा के फ्रेंड्स कालोनी में अपनी जाति बदलकर किराये पर कमरा लिया था। जोगेंद्र सिंह आदि भी वहां पर आते जाते थे। 24 घंटे के अंदर इस घटना का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की स्वाट टीम में एसआई सतेंद्र यादव प्रभारी, कांस्टेबल उदय सिंह, प्रवीण, रवींद्र कुमार, उदयवीर, लोकेंद्र कुमार, नागेंद्र कुमार, सर्वेश कुमार, पवन कुमार, कुलदीप राठी, विपिन कुमार, सुशील कुमार, अवनि कुमार, शोभित त्रिपाठी तथा थाना जसवंतनगर टीम में प्रभारी निरीक्षक जेपी पाल, उपनिरीक्षक जगपाल सिंह व सुरेश चन्द्र, कांस्टेबिल वीरभान, वीकेस , सलीम खान, आदि शामिल रहे।