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Kanpur News: ऑन डिमांड प्रोडक्शन को बढ़ावा देगी इंकजेट प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी

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यूपीटीटीआईटी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल वक्ता। - फोटो : संस्थान
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कानपुर। इंकजेट टेक्नोलॉजी भविष्य की तकनीक है। बदलते फैशन के दौर में हजारों मीटर कपड़े पर एक प्रिंट करने जरूरत नहीं है। भविष्य की नई तकनीक से कदमताल करते हुए इंकजेट तकनीक ऑन डिमांड प्रोडक्शन को बढ़ावा देगी।
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यह बातें शुक्रवार को यूपीटीटीआई में आयोजित कलर कॉन्क्लेव फॉर टेक्सटाइल एंड अपैरेल में आईआईटी दिल्ली से आए प्रो. कुशल सेन ने कहीं। शुभारंभ मंडलायुक्त, यूपीटीटीआई के निदेशक प्रो.जी नालंकिल्ली, कार्यक्रम चेयरमैन प्रो. एके पात्रा ने किया।

प्रो. सेन ने बताया कि आधुनिक प्रिंटिंग तकनीक में सूक्ष्म स्याही बूंदों से उच्च गुणवत्ता वाली फोटो, ग्राफिक्स और टेक्स्ट तैयार होते हैं। यह सामान्य कागज, फोटो पेपर, कैनवास और कपड़े जैसे अनेक माध्यमों पर प्रिंट करने में सक्षम है।
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सेटअप लागत कम होने से छोटे और कस्टम प्रिंट जॉब्स के लिए यह तकनीक बेहतर है। भविष्य में डिजिटल प्रिंटिंग, ऑन-डिमांड प्रोडक्शन, पैकेजिंग, विज्ञापन और 3डी इंकजेट तकनीक में इसकी भूमिका और बढ़ेगी जिससे यह उद्योग के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी।

जीएस शंकलिंग डाइस्टार के वाइस प्रेसीडेंट जयंत खेरा ने कहा कि नेचुरल डाई पर काम करने की आवश्यकता है। हालांकि पौधों, सब्जियों, फलों, मूंगफली के छिलकों से डाई बनाने का काम किया जा रहा है लेकिन इसमें अभी और परिपक्वता की आवश्यकता है।

आईआईटी मुंबई से आए प्रो. ने डाई स्ट्रक्चर में संशोधन करने के लिए कहा। इसके अलावा कई वक्ताओं ने ऐसे डाई और कलर तैयार करने की जरूरत बताई जो वातावरण को कम नुकसान करें और पानी की बचत करें। कार्यक्रम में आरसाई गणेश, भुवन भास्कर, श्याम एस शर्मा, हमजा जैदी ने भी अपने विचार रखे।
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