रास्ते में कैमाहा कबरई के पास बस की छत पर हाई टेंशन लाइन का तार छू गया था। जिससे बस में करंट उतर गया और अफरा-तफरी मच गई थी। इस दौरान महाराज किशोर करंट की चपेट में आकर झुलस गए थे।
आनन-फानन में साथियों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें हैलट अस्पताल रेफर किया गया। यहां से परिजन उन्हें रीजेंसी हॉस्पिटल ले गए।
यहां आज उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। बेटे पीयूष ने बताया कि घटना के बाद बिजली विभाग के अधिकारी केवल एक बार आए थे और उन्हें 25000 रुपए की चेक देकर गए थे।
आरोप है कि इस बीच उन्होंने जिलाधिकारी से उपचार के लिए कहा तो उन्होंने निजी फंड से इलाज कराने की बात कही। सरकार की तरफ से उन्हें कोई भी मदद नहीं मिली है।