कानपुर के हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में हादसे के दौरान गंभीर रूप से घायल को डाक्टरों ने सात घंटे तक दौड़ाया। परिजन गिड़गिड़ाते रहे और डाक्टर जांचों के नाम पर उन्हें इधर-उधर दौड़ाते रहे। बाद में डीएम कार्यालय से फोन आने पर खलबली मची। प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने एक डाक्टर को इमरजेंसी भेजा तो रोगी भर्ती हुआ।
इसके बाद प्राचार्य और हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या इमरजेंसी पहुंचे और अस्थि रोग और सर्जरी विभाग के रेजीडेंट को कसकर फटकार लगाई और दोबारा ऐसी गलती होने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। अजगैन, उन्नाव में सड़क हादसे में अंकित के दोनों पैर टूट गए और आंतें फट गईं। आंतों से खून का रिसाव होता रहा।