सबसे खराब हालत सदर और बिल्हौर तहसील
सभी अधिकारियों ने गांव-गांव पहुंचकर वरासत की हकीकत जानी तो लेखपालों की लापरवाही सामने आ गई। सबसे खराब हालत सदर और बिल्हौर तहसील की मिली। बिल्हौर तहसील के खेरवा में 39, सदर तहसील के दूल क्षेत्र में 33 मामले लंबित मिले। बिल्हौर के अहमदपुर नदिहा में 19 व रायपुर नदिहा में 15 लंबित मामले सामने आए। डीएम ने रिपोर्ट में लंबित मामलों को देखकर कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए।
इन लेखपालों पर कार्रवाई
बिल्हौर के जितेंद्र यादव, आकाश गुप्ता, सर्वेश यादव, सुधांशु और सदर तहसील के मानिक लाल गुप्ता, बृजेश शाक्य, विवेक कुमार, रोहित शुक्ला, दीपक वर्मा, हिमांशु वर्मा, नर्वल के विवेक कमल के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गई है। घाटमपुर के राम खिलावन भारती, राज कमल, निशि चौरसिया के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि और आलोक अवस्थी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
यहां वरासत के लंबित मिले मामले
सदर तहसील के शेषपुर में 31, हरदौली में 15, कटरा घनश्याम में 9, प्रतापपुर हरी में 6, कठारा में 9 और नर्वल तहसील के भदासा में 5, तिवारीपुर सलेमपुर में 3, घाटमपुर के कोहरा में 10, बीरपुर में 18, केवड़िया में एक, चंपतपुर में 11 मामले।
बैठक के दौरान वरासत की खराब प्रगति थी। इस पर 23 अफसरों को लगाकर गांव-गांव जांच कराई। इनमें लेखपालों ने पैसों या अन्य लापरवाही के कारण वरासत नहीं दर्ज की थी, जबकि 15 दिन में वरासत दर्ज हो जाती है। 261 ऐसे मामले मिले, जिसमें लेखपालों ने कोई कार्रवाई ही नहीं की है। 15 के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अन्य गांवों की जांच कराई जाएगी। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी