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भड़काऊ नारेबाजी करने वाले भाजपा नेता दोषमुक्त

Fri, 03 Feb 2017 01:36 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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जुलूस के दौरान भड़काऊ और उत्तेजनात्मक नारेबाजी में नामजद कानपुर संसदीय सीट से तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी सतीश महाना समेत तीन भाजपाइयों को कोर्ट ने बरी कर दिया है।  विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ममता सिंह की कोर्ट में यह फैसला सुनाया गया। आठ साल चले मुकदमे में अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
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  2009 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने भाजपा प्रत्याशी सतीश महाना, भाजपा जिलाध्यक्ष उत्तरी सुरेश चंद्र गुप्ता और जिला महामंत्री सुरेंद्र मैथानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि 15 मार्च 2009 को दोपहर 12 बजे सूचना मिली कि सतीश महाना का जुलूस भारी जनसमुदाय के साथ पैदल, दोपहिया और चौपहिया वाहनों से सेंट्रल रेलवे स्टेशन से निकलकर कोतवाली की तरफ आ रहा है। वह फोर्स के साथ मेघदूत तिराहे के पास पहुंचे तो यह लोग सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ धर्म आधारित, भड़काऊ और उत्तेजनात्मक नारेबाजी करते हुए गुजरे। शांत और संयमित करने की उनकी अपील अनसुनी कर दी। इस जुलूस की परमीशन नहीं थी। पोस्टरों पर मुद्रक का नाम भी नहीं था। अधिवक्ता अश्विनी त्रिपाठी और ज्योति मिश्रा ने बताया कि गवाही में सभी पुलिस के गवाहों ने विरोधाभासी बयान दिए। इससे मामला कोर्ट में ठहर नहीं सका।

कोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण
कोर्ट ने फैसले में टिप्पणी की है कि या तो अभियुक्तों ने कोई अपराध नहीं किया था या फिर अभियोजन पक्ष मुख्य रूप से पुलिस अफसरों ने जानबूझकर मामले की विवेचना में पूरी तरह से लापरवाही और लीपापोती की। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। अभियोजन पक्ष द्वारा मामले में बहस के दौरान भी किसी ऐसे तथ्य और परिस्थितिजन्य साक्ष्य की ओर कोर्ट का ध्यान आकृष्ट किया गया जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि अभियुक्तों ने कथित घटना की हो।
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जिरह में कुछ इस तरह बोले पुलिसकर्मी
- तत्कालीन एकता चौकी प्रभारी दुर्गादत्त सिंह ने कहा कि उन्होंने तीनों अभियुक्तों को भड़काऊ नारेबाजी करते नहीं देखा था।
- तत्कालीन दरोगा मोहित यादव ने कहा कि उन्हें याद नहीं है कि शिक्षक पार्क भाजपा महानगर कार्यालय के नीचे सामने स्थित है। बिना परमीशन के सभा की जानकारी व्यक्तिगत रूप से नहीं है।
- विवेचक रहे संतोष कुमार व्यास ने कहा कि किसी भी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी ने जलूस की वीडियोग्राफी नहीं दी थी। अभियुक्त भारत माता की जय और वंदेमातरम नारे लगा रहे थे।
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- दरोगा महिपाल सिंह ने कहा जुलूस में क्या नारे लग रहे थे यह ध्यान नहीं है।
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