चौबेपुर (बिल्हौर)। क्षेत्र के चंपतपुर गांव में बुधवार देर शाम एक नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि कुछ घंटे पहले ही उसे बीसीजी का टीका लगाया गया था। डोज अधिक लगने के कारण बच्चे की मौत हुई है। परिजनों के हंगामा करने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मालूम हो कि चंपतपुर गांव निवासी गोरेलाल की पत्नी रिंकी बुधवार दोपहर गांव की आशा बहू गीता कुशवाहा के साथ अपने 19 दिन के बच्चे को बीसीजी का टीका लगवाने के लिए सीएचसी आईं थीं। जहां एएनएम निर्मला मिश्रा ने नवजात शिशु को बीसीजी का टीका लगाया था। टीका लगने के बाद देरशाम बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। परिजन जब तक कुछ समझ पाते तब तक बच्चे की सांसें थम गईं। बच्चे की मौत के बाद माता-पिता ने दवा का डोज अधिक लगाने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर थाना पुलिस मौके पहुंची, जहां पहले तो घर वालों ने पोस्टमार्टम से इंकार कर पुलिस को वापस भेज दिया, लेकिन गुरुवार सुबह फिर गलत टीका लगाने का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। तब पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सीएचसी प्रभारी डॉ यशोवर्धन सिंह ने बताया जिस वक्त रिंकी के बच्चे को टीका लगा था, ठीक उसी वक्त इसी गांव की ही पूजा पत्नी नमो नारायण के बच्चे को भी टीका लगा था जो कि पूर्ण रूप से स्वस्थ है। आशंका है बच्चे की मौत पेशाब रुकने से हुई है। इस संबंध में थाना प्रभारी केएम राय ने बताया कि परिजनों की इच्छानुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।