कानपुर। औद्योगिक इकाइयों के संचालन की अनुमति मिलने के तीन दिन बाद भी उत्पादन में तेजी नहीं आई है। अधिकतर उद्यमी अभी तैयारियों में ही लगे हैं। फैक्ट्रियों में साफ सफाई और सैनिटाइजेशन चल रहा है। कर्मचारियों की सूची बन रही है। उधर, जिला उद्योग केंद्र में गुरुवार तक महज 50 घोषणापत्र ही जमा हुए जबकि शहर में औद्योगिक इकाइयां करीब 20 हजार हैं।
मंगलवार को औद्योगिक इकाइयों के संचालन की अनुमति मिलने के बाद उत्पादन शुरू हो भी जाता, लेकिन घोषणापत्र देने का नया पेच सामने आ गया। इस वजह से उत्पादन में देरी हो रही है। घोषणापत्र में जो सूचनाएं दी जानी हैं, उसकी पहले से ही तैयारी की जा रही है। जिला उद्योग केंद्र में घोषणा पत्र जमा कराने के लिए अलग से डेस्क बनाई गई है। घोषणापत्र को स्वीकृति मिलने के बाद ही उत्पादन शुरू हो सकेगा।
खामी दूर कराने का प्रयास हों, सीधे कार्रवाई से बचें
उद्यमियों का कहना है कि कोरोना महामारी की भयावहता को देखते हुए यह कह पाना कठिन है कि संक्रमण नहीं फैलेगा। इस वजह से उद्यमी घोषणापत्र को लेकर परेशान हैं। प्राविंशियल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज बंका का कहना है कि उद्यमी भरसक प्रयास करेंगे कि अधिक से अधिक मानकों का पालन हो, लेकिन प्रशासन या उद्योग विभाग के निरीक्षण में किसी तरह की खामी मिलती है तो उसे दूर कराने का प्रयास हो न कि तत्काल कार्रवाई कर दी जाए। इस महामारी के दौर में प्रशासन उत्पादन को सहूलियत देने का काम करे। कहीं ऐसा न हो कि अधिक सख्ती की वजह से उद्यमी उत्पादन को रफ्तार न दे पाएं।